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लखनऊ: बाढ़ में 10 हजार एकड़ फसल डूबी, 20 गांवों के सात हजार लोग प्रभावित, स्कूल बंद
Fri, 11 Sep 2026 08:54 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Fri, 11 Sep 2026 08:54 AM IST
सार
खेतों में धान के अलावा भिंडी, तोरई, लौकी, कट्टू, बैंगन, खीरा और मिर्च की फसलें भी पानी में डूब गई हैं। गांव का प्राथमिक विद्यालय बंद करना पड़ा है। जलमग्न रास्तों से आवागमन में भी दिक्कत हो रही है।
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बाढ़ में डूबीं फसलें, विधायक ने किया निरीक्षण।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से इटौंजा, बख्शी का तालाब और माल क्षेत्र के 20 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे करीब सात हजार लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और जलभराव से 10 हजार एकड़ में धान और सब्जियों की फसल बर्बाद होने का दावा किया गया है। पशुओं के चारे की व्यवस्था करना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है।
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बाढ़ प्रभावित गांवों में सुल्तानपुर, बहादुरपुर, हीरापुरवा, लासा, अकड़रिया खुर्द, अकड़रिया कला, दुघरा, राजापुर, करौंदी, मलूकपुर, जमखनवा, जमखनवा पुरवा, मल्लाहन खेड़ा, कठवारा, बदैयां, टिकरी और बहरौरा शामिल हैं। खेतों में धान के अलावा भिंडी, तोरई, लौकी, कट्टू, बैंगन, खीरा और मिर्च की फसलें भी पानी में डूब गई हैं। अकड़रिया गांव का प्राथमिक विद्यालय बंद करना पड़ा है। जलमग्न रास्तों से आवागमन में भी दिक्कत हो रही है।
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किसानों ने मांगा मुआवजा: किसान धर्मेंद्र कुमार कश्यप ने बताया कि दो बीघा धान और तीन बीघा उड़द की फसल डूब गई। देवी दयाल की करीब साढ़े पांच बीघा धान की फसल भी बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि हर साल फसल बर्बाद होने पर मुआवजे का आश्वासन मिलता है लेकिन भुगतान नहीं होता। उन्होंने फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
विधायक ने लिया जायजा: बृहस्पतिवार दोपहर विधायक योगेश शुक्ला ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। बातचीत में ग्रामीणों ने विधायक से फसल बर्बादी, आवागमन और पशुओं के चारे की समस्या बताई। विधायक ने उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।