चारबाग स्टेशन पर केले की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में केला बेचते पाए जाने पर वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। उधर, रेलवे अधिकारियों की दलील है कि केलों के छिलके से स्टेशन पर गंदगी फैल रही थी, इसलिए इसकी बिक्री ही बंद करवा दी गई। चारबाग स्टेशन से रोजाना 280 से अधिक ट्रेनों का आना-जाना होता है। इनमें सफर करने वाले सवा लाख से अधिक यात्रियों का सबसे पसंदीदा फल केला है। अब इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है।
चारबाग स्टेशन पर केले की बिक्री पर लगी रोक, अधिकारियों ने दी ये दलील
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेंडर बताते हैं कि स्टेशन पर सबसे अधिक मांग केलों की ही रहती है। चारबाग स्टेशन पर कुल 21 वेंडर हैं। इनमें रोजाना ढाई सौ दर्जन से अधिक केले बिकते हैं। ऐसे में इसकी बिक्री पर रोक से आमदनी कम हो गई है। वहीं, सेब, अमरूद जैसे फलों की उतनी बिक्री नहीं होती है।
यात्री बोले
.. तो शौचालय भी बंद करवा दो
गोरखपुर एलटीटी से मुंबई जा रहीं पूजा सिंह ने कहा, यह फैसला समझ से परे है। गंदगी रोकने को शौचालय भी बंद करवा दीजिए। कहा, सफाई पर करोड़ों खर्च होने के बाद यह स्थिति है। चारबाग स्टेशन पर सफाई के लिए एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बावजूद इसके गंदगी से छुटकारा नहीं मिल रहा।