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यूपी कैबिनेट बैठक: केन नहर प्रणाली के पुनरुद्धार को 1191.51 करोड़, मोबाइल फोन कंपनी को 46.25 करोड़ की सब्सिडी

Tue, 05 Nov 2024 06:52 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 05 Nov 2024 06:52 AM IST
सार

यूपी में कैबिनेट बैठक में केन नहर प्रणाली के पुनरुद्धार को 1191.51 करोड़ मंजूर हुए हैं। वहीं एक मोबाइल फोन कंपनी को 46.25 करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। 

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amount of 1191.51 crore was approved for revival of Ken Canal system In UP cabinet meeting
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नहर प्रणाली के पुनरुद्धार परियोजना के लिए 1191.51 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना यूपी और मध्य प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखंड क्षेत्र की एक बहु उद्देशीय परियोजना है। इसमें केन नदी के अतिरिक्त जल को बेतवा नदी में प्रवाहित करने के लिए एक लिंक चैनल से दोनों नदियों को आपस में जोड़ा जाना प्रस्तावित है।

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जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन से वर्तमान में नहरों के क्षतिग्रस्त एवं जीर्ण-शीर्ण हिस्से के पुनरुद्धार एवं निर्मित पक्की संरचनाओं के मरम्मत आदि के कार्य होंगे। इससे नहरें पूर्ण क्षमता से संचालित होंगी। इससे बुंदेलखंड के बांदा जिले में वर्तमान सिंचित क्षेत्रफल 87774 हेक्टेयर के अतिरिक्त 79191 हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र को भी सिंचित किया जा सकेगा। इसका लाभ 1.60 लाख किसानों को होगा।
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नई शीरा नीति को कैबिनेट की मंजूरी

कैबिनेट ने सोमवार को नई शीरा नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी। पिछले वर्ष की नीति के मुकाबले इस बार कोई बदलाव नहीं है। पर, शीरा के परिवहन पर निगरानी के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) की स्थापना का निर्णय लिया गया है। खांडसारी इकाइयों को शीरा आरक्षित रखने से छूट दी गई है। साथ ही एथेनॉल उत्पादन में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी गई है।

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि नई शीरा नीति 1 नवंबर 2024 से 31 अक्तूबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। प्रति वर्ष देसी मदिरा के उत्पादन के लिए शीरा आरक्षित करने की व्यवस्था होती है। इस बार पिछले वर्ष की तरह 19 प्रतिशत शीरा आरक्षित करने को मंजूरी दी गई है। 

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आबकारी आयुक्त को होगा निर्णय लेने का अधिकार

लघु इकाइयों को शीरे का आवंटन उप्र शीरा नियंत्रण अधिनियम के अनुसार शीरा नियंत्रक के स्तर से होगा। शीरा आधारित नई इकाइयों की स्थापना के संबंध में एक लाख क्विंटल शीरा प्रतिवर्ष की मांग वाली इकाइयों के मामले में निर्णय लेने का अधिकार आबकारी आयुक्त को होगा। 

उत्तराखंड की शीरा अथवा अल्कोहल आधारित रासायनिक इकाइयों को 25 लाख क्विंटल शीरे के निर्यात की अनुमति भी दी गई है। चीनी मिलों को 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से विनियामक शुल्क देना होगा। चीनी मिलों में बी-हैवी अथवा सी-हैवी शीरे के भंडारण के लिए निर्धारित शीरा टैंकों के परिवर्तन करने के लिए 5000 प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा।

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मोबाइल फोन कंपनी पैजेट इलेक्ट्रानिक्स को 46.25 करोड़ की सब्सिडी

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 (प्रथम संशोधन) के अंतर्गत पैजेट इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड को 46.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
इस नीति के अतर्गत 300 करोड़ निवेश वाली परियोजना के तहत प्रोत्साहन दिया जाता है। 

पैजेट इलेक्ट्रानिक्स को 46.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि में 15 फीसदी कैपिटल सब्सिडी, भविष्य निधि की प्रतिपूर्ति 1.25 करोड़ आदि दी जाएगी। इसे पांच वर्ष के लिए अनुमन्य किया गया है। निवेशक को स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जाएगी। इस इकाई से 4500 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

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इस नीति में किसी भी इकाई को केंद्र सरकार से मिलने वाले प्रोत्साहनों को शामिल करते हुए सभी स्रोतों से प्राप्त वित्तीय प्रोत्साहन 100 फीसदी से अधिक नहीं होंगे। ये सभी प्रोत्साहन व्यवसायिक उत्पादन शुरु करने के बाद ही मिलेंगे।
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