इंजीनियर समझकर उठाया, बाबू निकला तो बिगड़ा खेल, जेल गए किडनैपर
अपहर्ताओं ने जिस अब्दुल सलीम फरीदी को जल निगम का सेक्शन इंजीनियर समझकर अगवा किया था, वह बड़ा बाबू निकला तो बदमाशों ने अपना प्लान ही बदल दिया। बदमाशों ने इंदिरानगर निवासी फरीदी को अगवा कर दो करोड़ रुपये फिरौती वसूलने के बाद उसकी हत्या की साजिश रची थी।
फरीदी के शिकंजे में आने के बाद अपहर्ताओं ने उससे दो करोड़ रुपये मांगे तो उसके होश उड़ गए। फरीदी ने उन्हें बताया कि वह सेक्शन इंजीनियर नहीं बल्कि क्लर्क है। पड़ताल में फरीदी की बात सही निकली।
खेल बिगड़ने लगा तो बदमाशों ने जोरतोड़ कर फरीदी से 10 लाख रुपये फिरौती मांगी। फिरौती की रकम बैंक में जमा होने के बाद बदमाशों ने फरीदी को छोड़ दिया था। हालांकि रकम को लेकर बदमाश आपस में भिड़ गए।
दो साथियों की हत्या के बाद इलाहाबाद के मऊआइमा जम्खुरी निवासी मो. इमरान और मुंबई के कुर्ला वेस्ट इनोवा की जयशंकर चाल में रहने वाला जीतेश अशोक कोरवे भागने की फिराक में थे। एसटीएफ व लखनऊ पुलिस ने बुधवार शाम अमौसी एयरपोर्ट से उन्हें दबोच लिया था। बृहस्पतिवार को दोनों को जेल भेज दिया गया।
10 लाख की रकम भी थी ज्यादा, इस तरह किया इंतजाम
एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि फरीदी के लिए 10 लाख की रकम भी ज्यादा थी, लेकिन उसने दोस्त राजेश पांडेय के जरिए अपहर्ता इलाहाबाद निवासी संदीप सिंह के एचडीएफसी बैंक की गोमतीनगर शाखा स्थित अकाउंट में रुपये ट्रांसफर करा दिए।
मुंबई में रची साजिश, लखनऊ से अपहरण, ले गए इलाहाबाद
एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि जिस सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार से फरीदी का अपहरण हुआ था। वह संदीप की थी। संदीप ने अपनी प्रेमिका रायबरेली की नीतू उर्फ नूतन ओझा उर्फ ऋतु सिंह, मो. इमरान और जीतेश के साथ मुंबई में ही अपहरण की साजिश रची थी।
बीते रविवार को चारों स्कॉर्पियो से मुंबई से लखनऊ पहुंचे। इस दौरान नीतू की फरीदी से फोन पर लगातार बातचीत होती रही। उसने सोमवार को लखनऊ में मिलने की बात कही। मंगलवार को संदीप ने फरीदी से फोन पर बातचीत की। उसने हजरतगंज स्थित रॉयल कैफे में डिनर के लिए बुलाया। फरीदी यहां आया तो संदीप के साथ नीतू, जीतेश और मो. इमरान भी थे।
खाना खाने के बाद फरीदी को बहाने से स्कार्पियो में बैठाकर अगवा कर लिया। रात करीब डेढ़ बजे फरीदी को लेकर अपहर्ता इलाहाबाद के करेली निवासी आसिफ के घर पहुंचे। यहां जमील और अमजद भी थे। अमजद से ही फरीदी के बेटे को अपहरण और फिरौती की पहली कॉल कराई गई।
फरीदी के फोन से ही मांगी फिरौती
बदमाशों ने फिरौती मांगने और बातचीत के लिए फरीदी का ही मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। संदीप के अकाउंट में फिरौती की रकम जमा होने का एसएमएस आते ही इमरान ने नीतू की गोली मारकर हत्या कर दी और फरीदी को 3000 रुपये देकर इलाहाबाद के मलाका क्षेत्र में छोड़ दिया।
इसके बाद इमरान ने पत्थर से संदीप का चेहरा कुचलकर उसे भी गोली मार दी। उसका शव इलाहाबाद के उतरांव थाना क्षेत्र में हंडिया-बगहा हाइवे पर झाड़ियों में फेंक दिया गया, जबकि नीतू की लाश चार किमी आगे नैनी की तरफ ठिकाने लगाकर दोनों लखनऊ आ गए। बुधवार को दोनों ने अमौसी एयरपोर्ट से मुंबई की फ्लाइट पकड़ ली थी, लेकिन लखनऊ पुलिस और एसटीएफ ने प्लेन रुकवाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
...तो मांगा करंट अकाउंट
अपहर्ताओं ने फरीदी के बेटे को संदीप का एसबीआई का सेविंग अकाउंट नंबर दिया था। राजेश इस अकाउंट में रुपये जमा कराने पहुंचा तो बैंककर्मियों ने ज्यादा रकम बताकर मना कर दिया। तब फरीदी से कोई अन्य अकाउंट मांगा गया। तब संदीप ने एचडीएफसी गोमतीनगर शाखा में अपनी कंपनी रॉयल इन्फ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का करंट अकाउंट नंबर दिया।
सुबह अपहरण करते, फिरौती वसूलकर शाम तक छोड़ देते थे
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि इमरान और संदीप ने हमेशा ऐसे लोगों को अगवा किया जो चार-पांच लाख रुपये की तत्काल व्यवस्था कर सकते थे। ऐसे लोगों को सुबह किडनैप करते थे और शाम तक रुपये वसूलकर छोड़ देते थे। कई लोगों ने एफआईआर तक दर्ज नहीं कराई।
संदीप और नीतू ने भी करोड़ों ठगे
संदीप और नीतू ने रियल एस्टेट के नाम पर भी इलाहाबाद व लखनऊ में लोगों से करोड़ों रुपये ठगे। इलाहाबाद में करीब 80 लाख रुपये का घोटाला करने के बाद दोनों भागकर लखनऊ आए और गोमतीनगर में किराये का मकान लेकर रहने लगे। यहीं, संदीप ने अपनी रियल एस्टेट कंपनी शुरू की और लोगों से करीब दो करोड़ रुपये जमा कराकर हजम कर लिए।
फरीदी पर भी कार्रवाई पर संशय
अपने ही सामने नीतू की हत्या देखने के बावजूद पुलिस को सूचना न देने पर फरीदी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए, इस पर संशय बना हुआ है। एसएसपी ने कहा कि फरीदी ने पुलिस से यह सूचना छिपाकर अपराध किया है। उधर, फरीदी के मुताबिक वह दहशत में था इसलिए कुछ भी बोल और बता नहीं पा रहा था।
डीजीपी देंगे 50000 का इनाम
फरीदी अपहरण कांड और इलाहाबाद में दोहरी हत्या के खुलासे पर डीजीपी जावीद अहमद ने 50000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। यह इनाम लखनऊ और इलाहाबाद पुलिस के साथ ही एसटीएफ की टीम में बांटा जाएगा।
चार बदमाश, एक वारदात, सब एक
फरीदी अपहरणकांड बिल्कुल फिल्मी है। चार बदमाश थे। सभी ने एक व्यक्ति के अपहरण की साजिश रची थी। मुंबई में ही तय कर लिया था कि फिरौती वसूलने के बाद फरीदी की हत्या कर दी जाएगी। हालांकि लखनऊ आते-आते सबके इरादे बदल गए। बदमाशों ने एक-दूसरे के खिलाफ ही साजिश रच डाली। पुलिस ने जब इमरान से पूछताछ की तो ऐसी ही चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि इमरान, संदीप, नीतू और जीतेश साल भर से गिरोह बनाकर काम कर रहे थे, लेकिन कुछ महीने से सबके संबंध तनावपूर्ण हो गए।
संदीप की वजह से चार-पांच वारदातों में नुकसान हुआ तो इमरान नाराज चल रहा था। उसने जीतेश को अपने साथ कर संदीप को ठिकाने लगाने की साजिश रची। तय किया था कि फिरौती वसूलने के बाद संदीप को मार देगा।
वहीं, मुंबई से लखनऊ आते वक्त संदीप ने इमरान से अपनी प्रेमिका को मारने के लिए बातचीत की। बकौल इमरान, पारिवारिक कारणों से संदीप प्रेमिका से पीछा छुड़ाना चाहता था। उधर, नीतू सोच रही थी कि फिरौती की रकम हाथ आते ही फरीदी का काम तमाम कर दिया जाएगा।
फरीदी पर तानी पिस्तौल और नीतू को मार दिया
मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे सभी इलाहाबाद के मलाका क्षेत्र में थे। यहां फरीदी की हत्या करनी थी। इमरान ने फरीदी पर पिस्टल तानी तो उसके पसीने छूट गए। दहशत में उसने आंखें बंद कर लीं। इसी बीच, इमरान ने पिस्टल नीतू पर घुमा दी और उसे शूट कर दिया। फरीदी ने आंखें खोली तो नीतू को तड़पते देखा।
थोड़ी देर बाद इमरान ने फरीदी को 3000 रुपये देकर भगा दिया। नीतू के मरने पर संदीप फूट-फूटकर रोया। कुछ दूर जाकर इमरान ने संदीप को भी मौत के घाट उतार दिया। इमरान ने कहा कि फरीदी के जल निगम का बड़ा बाबू होने का पता चलने और गिड़गिड़ाने पर उसे दया आ गई और छोड़ने का प्लान बना लिया।
महिला आयोग का सदस्य बताती थी नीतू
नीतू खुद को महिला आयोग का सदस्य बताती थी। दो साल पहले उसकी मुलाकात जल निगम के एक ठेकेदार से हुई। मूल रूप से रामपुर निवासी ठेकेदार का पत्नी से विवाद चल रहा था। नीतू महिला आयोग की सदस्य बनकर उसकी पत्नी की काउंसिलिंग करने रामपुर जाया करती थी। वह ठेकेदार से हर विजिट का 5000 रुपया लेती थी। उसी ठेकेदार के जरिए नीतू की फरीदी से मुलाकात हुई थी।
उधर, इमरान और संदीप दो साल से एक-दूसरे को जानते थे। संदीप खुद को प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबारी बताता था। उसने लखनऊ में इमरान को 1000 एकड़ जमीन दिलाने का ऑफर दिया। इमरान उसके गोमतीनगर स्थित ऑफिस आया, लेकिन यहां अक्सर लेनदारों को झगड़ा करते देखा। कई बार वह संदीप की तरफ से लेनदारों से भिड़ जाता था।
'डिपार्टमेंट' मूवी की शूटिंग में बाउंसर था इमरान
फरीदी अपहरण कांड की साजिश रचने और अपने दो साथियों संदीप व नीतू को मारने वाला इमरान कभी फिल्मी दुनिया में नाम कमाना चाहता था। इलाहाबाद में रीयल एस्टेट का काम छोड़कर वह इस लिए मुंबई गया था। वहां सफलता नहीं मिली तो सलीम बंगाली की शार्प एज सिक्योरिटी कंपनी में बाउंसर बन गया।
वर्ष 2011 में उसने डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा की फिल्म डिपार्टमेंट की शूटिंग में सुरक्षा ड्यूटी की। यहीं पर उसकी मुलाकात जीतेश से हुई। इसके बाद फिल्मों से आइडिया लेकर शुरू हो गई अपराध की कहानी। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि इमरान ने इलाहाबाद के गंगा डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई की है। वह एक रीयल एस्टेट कंपनी में काम करता था। कंपनी को उसने करीब दो करोड़ रुपये का बिजनेस दिया।
हालांकि, रकम लेकर कंपनी भाग गई। रुपये लगाने वाले लोगों ने इमरान को घेरा तो आठ साल पहले वह मुंबई भाग गया। इस बीच उसने इलाहाबाद में अपनी फाइनेंस कंपनी भी चालू की, लेकिन फेल हो गया। मुंबई में उसने फिल्मों में किस्मत आजमाने की कोशिश की। काफी हाथ-पैर मारने के बाद भी काम नहीं मिला तो वह बाउंसर बन गया। करीब चार साल वह बाउंसर रहा।
फिल्मी माहौल में रहते हुए उसने क्राइम के कई आइडिया देखे और सीखे। लगभग एक साल पहले रोडवेज बस से लखनऊ से इलाहाबाद जाते समय नीतू से उसकी मुलाकात हुई। नीतू के बारे में पता चलने के बाद उसने महिला साथी का उपयोग कर लूटपाट व अपहरण की वारदातों की साजिश रची। करीब एक साल में इमरान और उसके साथियों ने कई वारदातें कीं।
नीतू के जरिए फंसाता था शिकार
नीतू के जरिए ही इमरान शिकार फंसाता और फिरौती वसूलता। फिरौती की रकम संदीप के अकाउंट में ही मंगाई जाती। पुलिस ने संदीप का अकाउंट खंगाला तो छह बड़े ट्रांजेक्शन मिले।
इसमें डेढ़ महीने पहले इलाहाबाद के सिविल लाइंस से एक व्यक्ति का अपहरण कर करीब चार लाख रुपये फिरौती वसूले जाने का मामला भी है।
उक्त व्यक्ति ने एफआईआर भी दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। एसएसपी ने बताया कि इमरान पर वर्ष 2008 में इलाहाबाद के झूंसी थाना में ही हत्या के प्रयास का एक मुकदमा दर्ज है। उसने साढ़े चार लाख रुपये की एक लूट भी की है।