सॉरी पापा... स्कूल वालों ने मुझे मरने पर मजबूर कर दिया
ट्यूशन नहीं पढ़ने पर सेंट जेवियर्स स्कूल प्रबंधन ने 11वीं कक्षा के छात्र शिवम ओझा (16) को इतना प्रताड़ित किया कि उसने शनिवार रात फांसी लगा ली।
कमरे में मिले सुसाइड नोट में छात्र ने स्कूल प्रबंधन की प्रताड़नाओं और प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने का आरोप लगाया है। छात्र के पिता ने कोतवाली नगर में स्कूल प्रबंधक व कक्षा अध्यापक के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया है।
छपिया थाना क्षेत्र के बखरवा गांव के रहने वाले वीरेंद्र कुमार ओझा के मुताबिक उनका बेटा शिवम ओझा कोतवाली नगर क्षेत्र के पंतनगर मोहल्ले में किराये पर कमरा लेकर रहता था। शिवम पढ़ने में काफी होशियार था इसलिए उसने टयूशन लेने से मना कर दिया था।
शिवम के कमरे से मिले सुसाइड नोट के अनुसार उसके स्कूल के प्रबंधक व क्लास टीचर उस पर ट्यूशन करने के लिए दबाव बना रहे थे। इन्कार करने पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। इस बात की जानकारी शिवम ने अपने परिवारीजनों को भी दी थी लेकिन तब उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया।
वार्षिक परीक्षा में फेल किए जाने से खो बैठा उम्मीद
इस बीच स्कूल प्रबंधन ने उसे प्रायोगिक परीक्षा की जानकारी नहीं दी जिससे उसकी परीक्षा छूट गई। शिकायत करने पर प्रबंधक ने प्रायोगिक परीक्षा के नंबर देने का आश्वासन देकर उसे चुप करा दिया। इसके बाद वार्षिक परीक्षा में उसे फेल कर दिया गया।
इस बात को वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और शनिवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार की सुबह जब उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने दवाजा तोड़कर अंदर देखा तो शिवम का शव रस्सी के सहारे लटक रहा था। प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि वीरेंद्र की तहरीर पर स्कूल के प्रबंधक सुमित दत्ता व क्लास टीचर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
सॉरी पापा...आई एम गोइंग टू कमिट सुसाइड
अपने सुसाइड नोट में शिवम ने लिखा है... सॉरी पापा...आई एम गोइंग टू कमिट सुसाइड। मैंने तो बहुत बड़े-बड़े सपने देखे थे। मैंने कभी नहीं सोचा था मेरे स्कूल वाले मुझे इतनी जल्दी मरने पर मजबूर कर देंगे। .. मैं ग्यारहवीं में फेल हो गया और मैं अपना मुंह अपने माता-पिता को कैसे दिखाऊं। कैसे उनके सपनों को टूटता हुआ देखूं। इसलिए मैं जा रहा हूं...
सबको मेरा प्रणाम
इस पर सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल गोंडा के प्रबंधक सुजैन दत्ता का कहना है कि बच्चे की आत्महत्या पर पूरे स्कूल प्रबंधतंत्र को अफसोस है। शिवम पढ़ने में कमजोर था। वह मैथ्स व केमिस्ट्री में भी फेल था। प्रैक्टिकल परीक्षा में भी नहीं आया था। इसलिए उसके व परिवार की ओर से लगाया गया आरोप पूरी तरह से गलत है। यदि किसी प्रकार की परेशानी थी तो वह स्कूल की प्रधानाचार्य या मुझसे सीधे मिलकर बात कह सकता था।