लखनऊ के माल थाना क्षेत्र में एक होमगार्ड की बेटी की बुधवार रात घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस को मौका मुआयना के दौरान ऑनर किलिंग का शक हुआ। परिवारीजन दिन भर गुमराह करते रहे। पिता ने खुद को मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू के घर सुरक्षा ड्यूटी और पत्नी गीता व बेटे रामेंद्र को काकोरी में तिलक समारोह में बताया। शक होने पर पुलिस ने गुपचुप तरीके से जानकारी जुटाकर भाई से पूछताछ शुरू की। उसने हत्या का राज उगल दिया। थानाध्यक्ष विनोद कुमार गोस्वामी ने बताया कि गांव गोपरामऊ निवासी होमगार्ड ओमप्रकाश यादव ने अज्ञात व्यक्तियों द्वारा घर में घुसकर अपनी बेटी रेखा यादव (23) की गोली मारकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है।सपा नेता मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव के घर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात ओमप्रकाश का कहना है कि वह बुधवार शाम छह बजे घर से निकला था। पत्नी- बेटा रामेंद्र यादव काकोरी के उदेत खेड़ा में तिलक समारोह में गए थे। रेखा घर पर अकेली थी। पत्नी व बेटा रात 12 बजे लौटे तो रेखा छप्पर के नीचे चारपाई पर मृत पड़ी थी। उसके माथे पर गोली का निशान था। ओमप्रकाश व परिवारीजनों ने किसी रंजिश से इनकार करते हुए जानकारी दी कि रेखा मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करती थी।
देर रात काफी देर तक खटखटाने पर भी नहीं खुला दरवाजा, तो भाई को हुआ शक, उठाया ये खौफनाक कदम
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कुंडी खटकने पर खोला दरवाजा, पर फायर की आवाज नहीं सुनी
होमगार्ड की बेटी की गोली मारकर हत्या की सूचना पर एसएसपी कलानिधि नैथानी, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विक्रांतवीर, क्षेत्राधिकारी मलिहाबाद व अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। पता चला कि रेखा की हत्या के वक्त ताऊ हरिप्रसाद और उसकी मां जनक दुलारी भी घर में मौजूद थीं। हरिप्रसाद की पत्नी सुषमा व बेटा कुलदीप भी तिलक समारोह में गए थे। घर में आने-जाने के दोनों दरवाजे भीतर से बंद थे। रामेंद्र व गीता का कहना था कि देर तक कुंडी खटखटाने के बाद भी दरवाजा न खुलने पर वह दूसरे दरवाजे से सुषमा व कुलदीप के साथ घर में दाखिल हुए थे। हरिप्रसाद ने दरवाजा खोला था। हरिप्रसाद ने गोली चलने की बात से इनकार किया। इस पर पुलिस का शक गहराया था।
ऐसे गहराया ऑनर किलिंग का शक
परिवारीजनों ने पुलिस को बताया कि रेखा मोबाइल फोन नहीं इस्तेमाल करती थी। घरवालों के मुताबिक, पांच साल पहले हाईस्कूल पास करने के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। दो साल से शादी के प्रयास चल रहे थे लेकिन रेखा राजी नहीं थी। रेखा के शव के पास से मोबाइल फोन मिलने पर पुलिस को ऑनर किलिंग का शक गहराया। मोबाइल फोन खंगालने पर प्रेमप्रसंग की भनक लगी। गांव के कुछ लोगों के साथ रेखा के करीबी युवक से तहकीकात हुई और शक की सुई घर पर ही टिक गई।
ग्रामीणों से तहकीकात में रामेंद्र, गीता, कुलदीप व सुषमा के तिलक समारोह से देर रात लौटने की पुष्टि हुई। काफी देर तक कुंडी खटखटाने पर भी दरवाजा न खुलने व घर के भीतर आहट पर परिवारीजनों को किसी अन्य की मौजूदगी का संदेह हुआ। हरिप्रसाद ने दरवाजा खोला। अंदर दाखिल होते ही रामेंद्र ने रेखा को जागते देखा। उससे पूछताछ के साथ घर खंगालने लगा। रेखा व परिवारीजनों के बीच खूब झगड़ा हुआ और इसी बीच गोली चली।
....और भाई ने कुबूल की हत्या की बात
दिन भर साक्ष्य इकट्ठा किए और रेखा के अंतिम संस्कार के बाद पिता, भाई व ताऊ को तहकीकात के बहाने पुलिस ने बुलाया। भाई ने गांव के एक युवक पर संदेह जताया। मोबाइल फोन से एकत्र जानकारी के आधार पर सवालों की झड़ी लगाई। भाई रामेंद्र लड़खड़ाते हुए राज उगलने लगा। थानाध्यक्ष विनोद कुमार गोस्वामी ने बताया कि एक युवक से प्रेमप्रसंग को लेकर नाराज रामेंद्र ने .315 बोर के तमंचा से गोली मारकर रेखा की हत्या की थी।
सच सामने आते ही रो पड़ा पिता
रेखा की हत्या की खबर पर घर लौटे होमगार्ड ओमप्रकाश यादव को राज मालूम हो गया था। बेटी की मौत के गम के साथ बेटे के फंसने का डर था। इसके चलते अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई। मोबाइल फोन पुलिस के हाथ लगने से पूरा घर परेशान था। बेटे की गिरफ्तारी होते ही वह फफक कर रोने लगा।