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Gorakhpur News: लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा एक और असलहा तस्कर गिरफ्तार
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गोरखपुर। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े अवैध असलहा तस्करी के एक और गुर्गे रितेश दत्त त्रिपाठी उर्फ बोलबम त्रिपाठी उर्फ अभिषेक पंडित उर्फ छोटू को एसटीएफ की गोरखपुर फील्ड इकाई ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया रितेश दत्त त्रिपाठी मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के ग्राम हलिया का निवासी है। उसके पास से दो 32 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन और एक कारतूस बरामद हुआ है।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से पिस्टल लाकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह के मुताबिक, बीते 15 सितंबर को व्ही पार्क के पास से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े अवैध असलहा तस्करी गिरोह के पांच गुर्गों को गिरफ्तार कर पांच पिस्टल बरामद की गई थीं। पूछताछ और सूचना जुटाने के दौरान रितेश के बारे में जानकारी मिली।
आरोप है कि वह बुरहानपुर से पिस्टल खरीदकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपने साथियों के जरिये सप्लाई करता था। इसके बाद एसटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। सोमवार को टीम ने सूचना के आधार पर रितेश को कचहरी बस स्टेशन के पास सड़क से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।
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12 हजार में खरीद, 15 से 20 हजार रुपये मुनाफे पर बिक्री
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में रितेश ने बताया कि वह प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र के यमुनानगर स्थित विनायक नगर निवासी राजू के साथ मध्यप्रदेश के बुरहानपुर से प्रति पिस्टल करीब 12 हजार रुपये में असलहा खरीदकर लाता था। इसके बाद सिक्टौर के पास रहने वाले ‘डॉक्टर’ नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में खरीदार तलाशे जाते थे। आरोपी पिस्टल को 15 से 20 हजार रुपये का मुनाफा लेकर बेचते थे। ‘डॉक्टर’ खरीदारों से संपर्क करता था, जबकि राजू बुरहानपुर में असलहा उपलब्ध कराने वाले संपर्क में रहता था। बिक्री से होने वाले मुनाफे को तीनों के बीच बांटे जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
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मोबाइल, पहचान पत्र और एटीएम कार्ड भी मिले
आरोपी के पास से दो 32 बोर पिस्टल और दो मैगजीन के अलावा एक जिंदा कारतूस, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एयरटेल सिम और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। टीम आरोपी के पास से मिले मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही चैटिंग खंगाला शुरू की है।
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एसटीएफ के अनुसार, आरोपी मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से पिस्टल लाकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में सप्लाई करता था। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह के मुताबिक, बीते 15 सितंबर को व्ही पार्क के पास से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े अवैध असलहा तस्करी गिरोह के पांच गुर्गों को गिरफ्तार कर पांच पिस्टल बरामद की गई थीं। पूछताछ और सूचना जुटाने के दौरान रितेश के बारे में जानकारी मिली।
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आरोप है कि वह बुरहानपुर से पिस्टल खरीदकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपने साथियों के जरिये सप्लाई करता था। इसके बाद एसटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। सोमवार को टीम ने सूचना के आधार पर रितेश को कचहरी बस स्टेशन के पास सड़क से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।
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12 हजार में खरीद, 15 से 20 हजार रुपये मुनाफे पर बिक्री
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में रितेश ने बताया कि वह प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र के यमुनानगर स्थित विनायक नगर निवासी राजू के साथ मध्यप्रदेश के बुरहानपुर से प्रति पिस्टल करीब 12 हजार रुपये में असलहा खरीदकर लाता था। इसके बाद सिक्टौर के पास रहने वाले ‘डॉक्टर’ नाम के व्यक्ति के साथ मिलकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में खरीदार तलाशे जाते थे। आरोपी पिस्टल को 15 से 20 हजार रुपये का मुनाफा लेकर बेचते थे। ‘डॉक्टर’ खरीदारों से संपर्क करता था, जबकि राजू बुरहानपुर में असलहा उपलब्ध कराने वाले संपर्क में रहता था। बिक्री से होने वाले मुनाफे को तीनों के बीच बांटे जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।
मोबाइल, पहचान पत्र और एटीएम कार्ड भी मिले
आरोपी के पास से दो 32 बोर पिस्टल और दो मैगजीन के अलावा एक जिंदा कारतूस, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, एयरटेल सिम और दो एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। टीम आरोपी के पास से मिले मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही चैटिंग खंगाला शुरू की है।