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Lucknow News: 10 दिन में रेफर कर दिए मामूली बीमार 451 मरीज
Fri, 25 Aug 2023 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:29 AM IST
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रेफर सेंटर बनी सीएचसी, 10 दिन में 451 मरीज भेजे जिला अस्पताल
ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों व संसाधनों का टोटा, मरीज बेहाल
सामान्य मरीजों को भी जांच के अभाव में भेजा जा रहा जिला अस्पताल
सलोन, बछरावां के डॉक्टर नहीं उठा रहे रिस्क
सलोन सीएचसी से आशू, रेखा, बछरावां से आदर्श को बृहस्पतिवार को रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। बुखार व अन्य समस्या होने के कारण सीएचसी स्तर पर ही इलाज हो सकता था, लेकिन संसाधनों के अभाव में सीएचसी के डॉक्टरों ने रिस्क नहीं उठाया। इससे मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन भर में करीब 50 मरीज विभिन्न सीएचसी से रेफर होकर पहुंचे।
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। यह दो उदाहरण तो नमूने मात्र हैं। रोजाना ऐसे तमाम मरीज सीएचसी से रेफर होकर आते हैं, जिसका इलाज सीएचसी स्तर पर संसाधनों व डॉक्टरों की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। महज 10 दिन में सीएचसी से 451 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही है। सभी 19 सीएचसी में कहीं एक्स-रे जांच तो कहीं अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों की सुविधा नहीं नहीं हैं। ब्लड की सभी जांचे भी सीएचसी स्तर पर उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी मरीजों की परेशानी का प्रमुख कारण हैं। सामान्य मरीजों को भी जांच के बहाने रेफर कर दिया जाता है।
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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सुविधाएं देने पर सरकार जोर दे रही है, लेकिन मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सीएचसी में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और छोटी-मोटी बीमारी का ही उपचार हो पा रहा है। एफआरयू में ही कुछ सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कई जरूरी जांच की सुविधा नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी में अभी कई महत्वपूर्ण और जरूरी जांच की सुविधा नहीं है। यहां पर न तो अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे है और न ही ईसीजी उपलब्ध। जनरल सर्जन और फिजिशियन डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। कई सीएचसी में एक्सरे उपलब्ध भी हैं तो उन्हें चलाने वाला कोई नहीं है।
सीएचसी-पीएचसी में मौजूद चिकित्सक और संसाधनों से मरीजों को बेहतर उपचार दिलाया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को अस्पताल में समय पर पहुंचकर मरीजों की जांच व उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डॉक्टरों व संसाधनों का टोटा, मरीज बेहाल
सामान्य मरीजों को भी जांच के अभाव में भेजा जा रहा जिला अस्पताल
सलोन, बछरावां के डॉक्टर नहीं उठा रहे रिस्क
सलोन सीएचसी से आशू, रेखा, बछरावां से आदर्श को बृहस्पतिवार को रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। बुखार व अन्य समस्या होने के कारण सीएचसी स्तर पर ही इलाज हो सकता था, लेकिन संसाधनों के अभाव में सीएचसी के डॉक्टरों ने रिस्क नहीं उठाया। इससे मरीजों के साथ ही उनके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दिन भर में करीब 50 मरीज विभिन्न सीएचसी से रेफर होकर पहुंचे।
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। यह दो उदाहरण तो नमूने मात्र हैं। रोजाना ऐसे तमाम मरीज सीएचसी से रेफर होकर आते हैं, जिसका इलाज सीएचसी स्तर पर संसाधनों व डॉक्टरों की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। महज 10 दिन में सीएचसी से 451 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
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जिले में ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही है। सभी 19 सीएचसी में कहीं एक्स-रे जांच तो कहीं अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों की सुविधा नहीं नहीं हैं। ब्लड की सभी जांचे भी सीएचसी स्तर पर उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी मरीजों की परेशानी का प्रमुख कारण हैं। सामान्य मरीजों को भी जांच के बहाने रेफर कर दिया जाता है।
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सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सुविधाएं देने पर सरकार जोर दे रही है, लेकिन मंशा पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में सीएचसी में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और छोटी-मोटी बीमारी का ही उपचार हो पा रहा है। एफआरयू में ही कुछ सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कई जरूरी जांच की सुविधा नहीं
ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी में अभी कई महत्वपूर्ण और जरूरी जांच की सुविधा नहीं है। यहां पर न तो अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे है और न ही ईसीजी उपलब्ध। जनरल सर्जन और फिजिशियन डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। कई सीएचसी में एक्सरे उपलब्ध भी हैं तो उन्हें चलाने वाला कोई नहीं है।
सीएचसी-पीएचसी में मौजूद चिकित्सक और संसाधनों से मरीजों को बेहतर उपचार दिलाया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को अस्पताल में समय पर पहुंचकर मरीजों की जांच व उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाता है।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ