West UP News Live: कल आएगा बार एसोसिएशन के चुनाव का परिणाम, बागपत में लापता व्यक्ति का शव मिला
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Sun, 11 Feb 2024 10:34 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 11 Feb 2024 10:34 AM IST
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मेरठ बार एसोसिएशन चुनाव
- फोटो : Amar Ujala
लाइव अपडेट
05:40 PM, 11-Feb-2024
पाली में 3870 और दूसरी में 3937 गैरहाजिर
परीक्षा देने पहुंचे प्रतियोगी
- फोटो : Amar Ujala
मुजफ्फरनगर जिले के 23 केंद्रों पर समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की प्रारंभिक परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। प्रशासन की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस तैनात रही।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि परीक्षा के मद्देनजर जिले को आठ सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिट मजिस्ट्रेट तैनात रहा। परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई। पंजीकृत 10387 अभ्यर्थियों में से 3870 गैरहाजिर रहे, जबकि 6517 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
दूसरी पाली की परीक्षा दो बजकर 30 मिनट से शुरू हुई। पंजीकृत 10387 अभ्यर्थियों में से 3937 गैरहाजिर रहे। परीक्षा में 6450 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि परीक्षा के मद्देनजर जिले को आठ सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक केंद्र पर स्टेटिट मजिस्ट्रेट तैनात रहा। परीक्षा में शामिल होने के लिए सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहली पाली की परीक्षा सुबह नौ बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई। पंजीकृत 10387 अभ्यर्थियों में से 3870 गैरहाजिर रहे, जबकि 6517 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
दूसरी पाली की परीक्षा दो बजकर 30 मिनट से शुरू हुई। पंजीकृत 10387 अभ्यर्थियों में से 3937 गैरहाजिर रहे। परीक्षा में 6450 अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
12:45 PM, 11-Feb-2024
बागपत जनपद के रटौल थानाक्षेत्र से लापता चल रहे व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शख्स का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला है। नगलाबड़ी निवासी कृष्णपाल(55) पुत्र श्रीचंद तीन दिन से लापता चल रहा था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
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10:34 AM, 11-Feb-2024
कचहरी में पेशी के दौरान 18 वर्ष पूर्व हुए रविंद्र भूरा हत्याकांड के पांच आरोपियों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें से दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। इस मामले का एक आरोपी रहा अजय जडेजा कई अन्य मामलों में जेल में है, जबकि चार अन्य आजाद, अजय मलिक, यशवीर और गुलाब जमानत पर बाहर हैं।
आरोपियों के अधिवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि एसआई रेशम सिंह ने थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि 16 अक्तूबर 2006 को उनकी ड्यूटी जिला कारागार मेरठ में बंद अभियुक्त रविंद्र भूरा की पेशी में लगी थी। पुलिस लाइन से सरकारी शस्त्र लेकर वह कड़ी सुरक्षा के बीच रविंद्र भूरा की पेशी करने कचहरी लाए थे। कचहरी में आरोपी अपने हाथ में पिस्तौल लेकर आए और रविंद्र भूरा पर फायरिंग शुरू कर दी। तभी कांस्टेबल मनोज कुमार ने एक बदमाश को दबोच लिया था। बदमाश ने मनोज को गोली मार दी थी। इससे कांस्टेबल मनोज घायल हो गया और सभी आरोपी फरार हो गए।
इस घटना में रविंद्र भूरा और उसके भतीजे गौरव, एक बदमाश और कांस्टेबल की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं, मामले में पुलिस ने 27 गवाह न्यायालय में पेश किए थे। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में बताया कि पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को इस मुकदमे में झूठा फंसाया जा रहा है। इसके लिए कुछ साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों का संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
आरोपियों के अधिवक्ता वीके शर्मा ने बताया कि एसआई रेशम सिंह ने थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि 16 अक्तूबर 2006 को उनकी ड्यूटी जिला कारागार मेरठ में बंद अभियुक्त रविंद्र भूरा की पेशी में लगी थी। पुलिस लाइन से सरकारी शस्त्र लेकर वह कड़ी सुरक्षा के बीच रविंद्र भूरा की पेशी करने कचहरी लाए थे। कचहरी में आरोपी अपने हाथ में पिस्तौल लेकर आए और रविंद्र भूरा पर फायरिंग शुरू कर दी। तभी कांस्टेबल मनोज कुमार ने एक बदमाश को दबोच लिया था। बदमाश ने मनोज को गोली मार दी थी। इससे कांस्टेबल मनोज घायल हो गया और सभी आरोपी फरार हो गए।
इस घटना में रविंद्र भूरा और उसके भतीजे गौरव, एक बदमाश और कांस्टेबल की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं, मामले में पुलिस ने 27 गवाह न्यायालय में पेश किए थे। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में बताया कि पुलिस द्वारा सभी आरोपियों को इस मुकदमे में झूठा फंसाया जा रहा है। इसके लिए कुछ साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों का संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।
10:23 AM, 11-Feb-2024