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Jammu News: राजमा, केसर व सी बकथॉर्न के उत्पादों की जम्मू से असम तक धूम
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-महिला उद्यमियों ने प्रस्तुत की आत्मनिर्भरता की मिसाल, गोल मार्केट में प्रदर्शित किए उत्पाद
जम्मू। कुछ लोग सपनों को देखते हैं तो कुछ उन्हें साकार कर समाज में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनते हैं। मेहनत, लगन और विश्वास की यही कहानी गोल मार्केट में सजी महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी में दिखाई दी, जहां अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं ने उत्पादों के साथ हुनर को भी आमजन के सामने रखा।
प्रदर्शनी नगर निगम व राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की ओर से लगाई गई है। इसमें प्रदेश की महिला उद्यमियों ने स्व सहायता समूहों के माध्यम से भाग लिया। महिलाओं ने भगवान के वस्त्र, उपहार सामग्री, जैविक खाद्य पदार्थ, सौंदर्य सामग्री, गहने तथा खाने-पीने से जुड़ी विविध वस्तुओं के स्टाल लगाए। उत्पादों की यह विशेषता है कि इन वस्तुओं को उद्यमियों ने स्वयं तैयार किया है।
कनाल रोड की जागृति नागर के अनुसार उनका समूह जैविक खाद्य पदार्थों का निर्माण करता है। जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त लखनऊ, दिल्ली और असम सहित विभिन्न राज्यों में भी वे प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। इसमें जम्मू के राजमा, कश्मीर का केसर, लद्दाख का सी बकथॉर्न (हिप्पोफी) फल से बने उत्पादों के साथ कश्मीर लहसुन व अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं। समूह से दस महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
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बाहु फोर्ट की रहने वाली मीनाक्षी का कहना है कि वह भगवान की पोशाक व साज-सज्जा के उत्पादों काे बनाती है। समूह में पांच महिलाएं हैं। सपना था कि खुद का काम करने का जो तीन साल पहले पूरा हुआ। शुरुआत तो छोटे से कदम के साथ की थी, पर धीरे धीरे काम बढ़ता गया। विभिन्न जगहों पर प्रदर्शनियों में भाग लिया तो ऑर्डर आने लगे। मीनाक्षी का कहना है कि सपने देखना ही काफी नहीं उनके लिए कदम भी उठाने चाहिए।
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जम्मू। कुछ लोग सपनों को देखते हैं तो कुछ उन्हें साकार कर समाज में आत्मनिर्भरता की मिसाल बनते हैं। मेहनत, लगन और विश्वास की यही कहानी गोल मार्केट में सजी महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी में दिखाई दी, जहां अलग क्षेत्रों से आई महिलाओं ने उत्पादों के साथ हुनर को भी आमजन के सामने रखा।
प्रदर्शनी नगर निगम व राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की ओर से लगाई गई है। इसमें प्रदेश की महिला उद्यमियों ने स्व सहायता समूहों के माध्यम से भाग लिया। महिलाओं ने भगवान के वस्त्र, उपहार सामग्री, जैविक खाद्य पदार्थ, सौंदर्य सामग्री, गहने तथा खाने-पीने से जुड़ी विविध वस्तुओं के स्टाल लगाए। उत्पादों की यह विशेषता है कि इन वस्तुओं को उद्यमियों ने स्वयं तैयार किया है।
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कनाल रोड की जागृति नागर के अनुसार उनका समूह जैविक खाद्य पदार्थों का निर्माण करता है। जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त लखनऊ, दिल्ली और असम सहित विभिन्न राज्यों में भी वे प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। इसमें जम्मू के राजमा, कश्मीर का केसर, लद्दाख का सी बकथॉर्न (हिप्पोफी) फल से बने उत्पादों के साथ कश्मीर लहसुन व अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं। समूह से दस महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ी हैं।
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बाहु फोर्ट की रहने वाली मीनाक्षी का कहना है कि वह भगवान की पोशाक व साज-सज्जा के उत्पादों काे बनाती है। समूह में पांच महिलाएं हैं। सपना था कि खुद का काम करने का जो तीन साल पहले पूरा हुआ। शुरुआत तो छोटे से कदम के साथ की थी, पर धीरे धीरे काम बढ़ता गया। विभिन्न जगहों पर प्रदर्शनियों में भाग लिया तो ऑर्डर आने लगे। मीनाक्षी का कहना है कि सपने देखना ही काफी नहीं उनके लिए कदम भी उठाने चाहिए।