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नाटक आग में बताया, कैसे युवा पीढ़ी नशे में धंस रही
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जम्मू। संडे थियेटर श्रृंखला में नटरंग की ओर से ‘आग’ नाटक का मंचन किया गया। नीरज कांत के निर्देशन में मंचित किए नाटक में बताया गया कि कैसे आज हमारी युवा पीढ़ी नशे की लत में बर्बाद हो रही है। युवा पीढ़ी को साजिश के तहत नशे के दलदल में धकेल जा रहा है।
नाटक एक कहानी पर आधारित नहीं है, लेकिन उसे एक प्रयोग के रूप में दर्शाया गया है। नाटक में कई कहानियों को एक साथ चलाते हुए निर्देशक समाज को युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन के प्रति सचेत करता है। स्कूल के बाद कॉलेज में प्रवेश के बाद एक युवा को एक अच्छी कंपनी के लिए संघर्ष करता दिखाया गया है। लोग उसके साथ एक बच्चे की तरह व्यवहार करते हैं जो वास्तव में उसे निराश करता है। वह बड़ा बनने के लिए नशे का इस्तेमाल करता है। नाटक यह भी दिखाता है कि ग्रामीण इलाकों के युवा भी आज नशे से अछूते नहीं रहे हैं। गांवों में गरीबी और नशा घरेलू हिंसा का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। नाटक घटनाओं की श्रृंखला को सामने लाता है जहां शराब और अन्य नशों से प्रभावित लोग खुद के साथ दूसरों के लिए भी नरक बनाते हैं। नशा कैसे अनमोल जीवन को बर्बाद कर रहा है। नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में बृजेश अवतार शर्मा, सुशांत चाढ़क, अभिनव शर्मा, कुलदीप अंगराल और अन्यों ने भाग लिया। विश्व हिंदी दिवस पर स्वामी विवेकानन्द सांस्कृतिक केंद्र जोहानसबर्ग ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नाटक को दिखाया।
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नाटक एक कहानी पर आधारित नहीं है, लेकिन उसे एक प्रयोग के रूप में दर्शाया गया है। नाटक में कई कहानियों को एक साथ चलाते हुए निर्देशक समाज को युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन के प्रति सचेत करता है। स्कूल के बाद कॉलेज में प्रवेश के बाद एक युवा को एक अच्छी कंपनी के लिए संघर्ष करता दिखाया गया है। लोग उसके साथ एक बच्चे की तरह व्यवहार करते हैं जो वास्तव में उसे निराश करता है। वह बड़ा बनने के लिए नशे का इस्तेमाल करता है। नाटक यह भी दिखाता है कि ग्रामीण इलाकों के युवा भी आज नशे से अछूते नहीं रहे हैं। गांवों में गरीबी और नशा घरेलू हिंसा का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। नाटक घटनाओं की श्रृंखला को सामने लाता है जहां शराब और अन्य नशों से प्रभावित लोग खुद के साथ दूसरों के लिए भी नरक बनाते हैं। नशा कैसे अनमोल जीवन को बर्बाद कर रहा है। नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों में बृजेश अवतार शर्मा, सुशांत चाढ़क, अभिनव शर्मा, कुलदीप अंगराल और अन्यों ने भाग लिया। विश्व हिंदी दिवस पर स्वामी विवेकानन्द सांस्कृतिक केंद्र जोहानसबर्ग ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर नाटक को दिखाया।
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