अनंतनाग में धरना देने पहुंचे यासीन मलिक की पिटाई
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उधमपुर हमले में ट्रक क्लीनर जाहिद की मौत से घाटी में मंगलवार को तीसरे दिन भी तनाव रहा। अनंतनाग जिले में बंदी के दौरान हिंसक प्रदर्शन हुए। जेकेएलएफ अध्यक्ष यासिन मलिक की समर्थकों के साथ अनंतनाग जिले के लाल चौक पर अनशन पर बैठने की कोशिश को सुरक्षा बलों ने विफल कर दिया।
इस दौरान धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर यासिन को हिरासत में ले लिया। इसके बाद श्रीनगर के मायसूमा सहित कई इलाकों में जमकर बवाल हुआ। यासिन मलिक ने दोपहर को जाहिद के परिवार वालों से मुलाकात कर उनके प्रति एकजुटता दिखाई। इसके बाद वह कब्रिस्तान गए, जहां जाहिद को दफनाया गया था।
यहां लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पीडीपी-भाजपा सरकार पर निशाना साधा और पीडीपी पर राज्य में आरएसएस के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहां से मलिक समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में निकले।
जुलूस में महिलाएं भी शामिल थीं। वह जाहिद की हत्या के विरोध में अनंतनाग के लाल चौक पर 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे थे। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों ओर से धक्कामुक्की हुई। सुरक्षा बलों ने यासिन समेत उनके समर्थकों की जमकर पिटाई की। इसके बाद यासिन को अनंतनाग के सदर थाने ले जाया गया।
समर्थकों की जमकर हुई पिटाई
घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और पथराव शुरू हो गया। श्रीनगर के मायसूमा इलाके में जब यह खबर पहुंची तो मायसूमा समेत लाल चौक और आसपास के इलाकों में दुकानें बंद हो गईं। यासीन समर्थक सड़कों पर उतर आए और जमकर पथराव किया।
स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। देर शाम तक स्थिति तनावपूर्ण थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यासिन और उसके कुछ समर्थकों को जाहिद के घर जाने की अनुमति दे गई।
लेकिन, जब वह लौट रहे थे तो लगा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है। इसके बाद यासिन और उसके कुछ समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया। इस बीच, हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष और कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सईद अली शाह गिलानी ने जाहिद की मौत के विरोध में रियासत में हर जगह 23 अक्तूबर को जुमे की नमाज के बाद लोगों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अपील की है।
उधर, अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा, केपी चौक, बटेंगू आदि इलाकों में सुबह से ही गुस्साए युवक सड़कों पर उतरे और पीडीपी-भाजपा विरोधी नारेबाजी की। युवाओं ने पत्थरबाजी भी की।
दक्षिणी कश्मीर के अन्य जिलों में भी इसका असर देखने को मिला। सभी दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान और शैक्षिक संस्थान बंद रहे। यातायात भी प्रभावित रहा। हिंसक प्रदर्शनों में एक दर्जन से अधिक घायल हुए हैं, जिनमें जवान भी शामिल हैं।