मां की फिगर के चलते ममता से वंचित हो रहे लाडले
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जम्मू-कश्मीर में विश्व स्तनपान सप्ताह का आगाज हो गया। इस दौरान गवर्नमेंट सरवाल अस्पताल में हेल्थ एजुकेशन ब्यूरो, स्वास्थ्य निदेशालय जम्मू की ओर से एक प्रदर्शनी लगाकर महिलाओं को स्तनपान के लिए जागरूक किया गया।
इसमें दिखाया गया कि किस तरह फिगर फिट रखने के चक्कर में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने लाडलों को स्तनपान न करवाकर ममता से दूर रखने के साथ कई गंभीर रोगों की चपेट में आ रही हैं।
शहरी महिलाएं इसकी ज्यादा शिकार हो रही हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर, मोटापा, छाती दर्द, पेट में संक्रमण आदि की शिकायत बढ़ी है।
जन्म के आधे घंटे में दूध पिलाए मां
जीएमसी के अधीक्षक डॉ. रविंद्र रतनपाल कहते हैं कि जन्म के आधे घंटे के भीतर बच्चे को मां का दूध पिलाना शुरू कर देना चाहिए और कम से कम उसे छह माह तक लगातार स्तनपान करवाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि अभी भी महिलाओं में स्तनपान के बारे में जागरूकता की बेहद कमी है। जन्म के पश्चात बच्चे को गुड़, शहद आदि सामग्री देना भी हानिकारक हो सकता है।
स्तनपान से जहां बच्चा स्वस्थ होता है, वहीं मां भी शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहती है। इसके विपरीत बच्चे के शारीरिक रूप से बीमार रहने पर मां व परिवार के अन्य सदस्यों को परेशानी रहेगी।
स्तनपान न करवाने से छाती में दर्द
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डॉ. बलजीत सिंह पठानिया ने कहा कि महिलाओं में यह धारणा गलत है कि स्तनपान से उनका शारीरिक ढांचा बिगड़ता है। जबकि ऐसा करने से वे जल्दी कवर होती हैं और कई गंभीर रोगों से दूर रहती हैं।
इससे शरीर से मोटापा बाहर निकलता है। फेमिली प्लानिंग में भी स्तनपान फायदेमंद साबित हुआ है। बच्चे को लगातार दूध पिलाने से गर्भवती होने की आशंका काफी कम रहती है। इसके अलावा मां अपने बच्चे को दूध पिलाकर अपने घर को आर्थिक रूप से भी मजबूत बना सकती है।
बाजार में डिब्बा बंद दूध खरीदने से घर की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता है। स्तनपान न करवाने से छाती में कुदरती दूध जमा हो जाता है, जो मां को बुखार सहित अन्य छाती में कई तरह के संक्रमित रोगों की चपेट में ले जा सकता है।
इसमें अक्सर छाती में दर्द रहता है।
जानिए, स्तनपान के फायदे
1. लगातार दूध पिलाने से गर्भवती नहीं होंगी
2. घर को आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाएंगी
3. स्तनपान करवाकर कई गंभीर रोगों से दूर रहेंगी
4. जच्चा-बच्चा पूरी उम्र शारीरिक रूप से मजबूत होंगे
5. बच्चे को कब्ज की शिकायत नहीं होगी