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महिला आरक्षण बिल बजट सत्र में हो पारित, अमर उजाला का अपराजिता अभियान सराहनीय: फारूक
Mon, 21 Jan 2019 05:12 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 21 Jan 2019 05:12 PM IST
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फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि देश में महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए यह जरूरी है कि बहनों को पढ़ाने के साथ ही उन्हें जनप्रतिनिधित्व का मौका अधिक से अधिक मिले।
इसलिए केंद्र सरकार को महिला आरक्षण बिल को संसद के बजट सत्र में लाना चाहिए। लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने में कुछ ही महीने रह गए हैं। ऐसे में यह बिल केवल लाया ही नहीं जाए, बल्कि इसे पास भी कराया जाए। इसके लिए सभी दलों को सहयोग करना चाहिए।
अमर उजाला के "अपराजिता" अभियान की सराहना करते हुए फारूक ने कहा कि यह प्रयास लोगों के बीच दूरगामी संदेश छोड़ेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आत्मरक्षार्थ बेहतर प्रयास है। उम्मीद है कि रियासत ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस अभियान का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार के पास बहुमत है।
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दुर्भाग्य है कि मोदी सरकार ने अन्य सारे बिल तो पास करा लिए, लेकिन महिला आरक्षण बिल पर कुछ नहीं किया। यदि राज्य में नेकां की सरकार बनती है तो राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा।
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इसलिए केंद्र सरकार को महिला आरक्षण बिल को संसद के बजट सत्र में लाना चाहिए। लोकसभा का कार्यकाल पूरा होने में कुछ ही महीने रह गए हैं। ऐसे में यह बिल केवल लाया ही नहीं जाए, बल्कि इसे पास भी कराया जाए। इसके लिए सभी दलों को सहयोग करना चाहिए।
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अमर उजाला के "अपराजिता" अभियान की सराहना करते हुए फारूक ने कहा कि यह प्रयास लोगों के बीच दूरगामी संदेश छोड़ेगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा आत्मरक्षार्थ बेहतर प्रयास है। उम्मीद है कि रियासत ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस अभियान का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में मौजूदा सरकार के पास बहुमत है।
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दुर्भाग्य है कि मोदी सरकार ने अन्य सारे बिल तो पास करा लिए, लेकिन महिला आरक्षण बिल पर कुछ नहीं किया। यदि राज्य में नेकां की सरकार बनती है तो राज्य विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा।