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जम्मू-कश्मीर में शादी करने वाली बाहरी राज्यों की महिलाओं को भी मिलेगा डोमिसाइल, नियमों में जल्द होगा बदलाव
Tue, 29 Sep 2020 12:36 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Sep 2020 12:36 AM IST
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : एएनआई
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जम्मू-कश्मीर डोमिसाइल नियमों में जल्द बदलाव होगा। इसके लिए केंद्र शासित सरकार जल्द ही संशोधन आदेश जारी करेगी। इसके तहत बाहरी राज्यों की जम्मू कश्मीर में शादी करने वाली महिलाओं को भी डोमिसाइल मिल सकेगा। साथ ही माता-पिता में किसी एक के भी पीआरसी धारक होने पर बच्चों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र मिलेगा। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी।
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डॉ. सिंह ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश ने सिद्धांतत: नियमों में बदलाव पर सहमति जता दी है। इसके लिए उप राज्यपाल मनोज सिन्हा तथा मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम से बात की गई है। प्रदेश सरकार जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी करेगी। ट्वीट में कहा कि यह अभिभावकों में से किसी एक के भी पीआरसी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने पर उनके बच्चों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र की सुविधा मिलेगी। साथ ही यदि कोई बाहरी महिला किसी पीआरसी धारक से शादी करती है तो उसे भी यह लाभ मिलेगा।
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बताते हैं कि डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारियों की ओर से ऐसे आवेदनों को अस्वीकृत किए जाने के बाद यह पहल शुरू हुई। मई में जारी आदेश में ऐसी महिलाओं के लिए भी कोई प्रावधान नहीं था जो रहने वाली तो दूसरे राज्यों की हैं, लेकिन उन्होंने यहां के पीआरसी धारक से शादी की है। आवेदन इस वजह से भी अस्वीकृत किए जा रहे हैं कि संबंधित दस्तावेज में पिता का पीआरसी नहीं लगा है। माता के पीआरसी को वैध दस्तावेज नहीं माना जा रहा है।
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18.52 लाख बने डोमिसाइल सर्टिफिकेट
प्रदेश में अब तक 18.52 लाख डोमिसाइल प्रमाणपत्र बन चुके हैं। इसके लिए 21.99 लाख आवेदन प्राप्त किए गए हैं। सरकार ने 18 मई को डोमिसाइल प्रमाणपत्र संबंधी नियम जारी किए थे। इसमें गैर प्रांत के लोगों के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों को भी हकदार बनाया गया था। नए कानून के अनुसार 15 साल तक प्रदेश में रहने वाले बाहरी लोगों को भी डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी हो सकता है। अनुच्छेद 370 हटने से पहले केवल स्टेट सब्जेक्ट धारकों को ही जमीन खरीदने तथा सरकारी नौकरी पाने का हक था।