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जम्मू-कश्मीर: बारिश-आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, ओलावृष्टि ने फलों और सब्जियों को पहुंचाया नुकसान
Thu, 13 May 2021 10:16 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 13 May 2021 10:16 AM IST
सार
बारिश और ओलावृष्टि से आलूबुखारा, खुबानी, नाशपाती, आड़ू के फल और पत्ते झड़ गए हैं। गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई।
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जम्मू-कश्मीर का मौसम
- फोटो : बासित जरगर
विस्तार
मौसम की करवट पर्वतीय इलाकों के किसानों और बागवानाें को नागवार गुजरी है। कठुआ और पुंछ जिले में बुधवार को भारी ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश हुई, जिससे फल और सब्जी की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। खासकर सेब, आड़ू, खुबानी, आलूबुखारा और सब्जियों की पनीरी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
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वहीं, देर शाम जम्मू समेत आसपास के इलाकों में बारिश के तेज हवा ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। पर्वतीय इलाकों में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी रहने से खरीफ सीजन की फसलों की बुआई में देरी हो रही है। कुछ निचले पहाड़ी इलाकों में बुआई हो चुकी है, जिसे बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। इस बीच बागवानी और सब्जी की खेती को ओलावृष्टि से भारी नुकसान पहुंचा है।
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जम्मू संभाग के 60 फीसदी क्षेत्र में ठंडी जलवायु वाले फलों की बागवानी होती है। इनमें मुख्य रूप से अखरोट, सेब, आलूबुखारा, खुबानी की फसलें शामिल हैं। कठुआ जिले के बनी, बसोहली ओर बिलावर में आधे घंटे तक तेज ओलावृष्टि होने से नुकसान हुआ है।