पीएम पैकेज की नियमित समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित
- समिति हर महीने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी।
- राज्यपाल ने पीएम पैकेज के तहत द एग्रीगेटिव मल्टी सेक्टर इकोनोमिक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर रिब्लिडिंग (तामिर) प्लान 2015-2020 के लिए कमेटी गठन को मंजूरी दी है।
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर प्रधानमंत्री के पैकेज पर चर्चा की। समझा जाता है कि राज्यपाल ने इस मुलाकात में जम्मू-कश्मीर ने नई सरकार के गठन के बारे में सियासी दलों के प्रतिनिधियों से हुई बातचीत का भी ब्योरा दिया। उन्होंने राज्यपाल शासन के कामकाज के बारे में भी केंद्रीय गृह मंत्री को विस्तार से बताया।
रियासत को मिले 80 हजार करोड़ के प्रधानमंत्री पैकेज को लागू करने की नियमित रूप से समीक्षा करने के लिए राज्यपाल ने उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्य सचिव इसके अध्यक्ष होंगे। योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक सचिव सदस्य सचिव होंगे। समिति हर महीने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेगी।
राज्यपाल ने पीएम पैकेज के तहत द एग्रीगेटिव मल्टी सेक्टर इकोनोमिक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर रिब्लिडिंग (तामिर) प्लान 2015-2020 के लिए कमेटी गठन को मंजूरी दी है। इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात नवंबर को श्रीनगर में की थी।
कमेटी में वन विभाग, राहत एवं पुनर्वास विभाग, गृह विभाग, आवास एवं शहरी विकास, बिजली, वित्त, पीडब्ल्यूडी, टेक्निकल एवं यूथ सर्विसेज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, कृषि उत्पादन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, पीएचई, पर्यटन तथा राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव होंगे। कमेटी परियोजनाओं को लागू करने, उनकी देखरेख तथा धनराशि के उपयोग पर लगातार नजर रखेगी और राज्यपाल को इसकी जानकारी देगी।
इन क्षेत्रों में खर्च होगी राहत पैकेज की राशि
तामिर योजना में सितंबर 2014 के बाढ़ प्रभावितों को मानवता के आधार पर राहत का प्रावधान करने, घरों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता राशि में वृद्धि करने, व्यापारियों को सहायता देने के अलावा पीओके तथा छंब विस्थापितों के पुनर्वास तथा कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए पुनर्वास पैकेज का प्रावधान शामिल हैं।
इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तहत झेलम एवं तवी में बाढ़ नियंत्रण, सामाजिक ढांचे की मजबूती के लिए दो एम्स, आईआईएम व आईआईटी की स्थापना, एक लाख युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण, इंडोर एवं आउटडोर स्टेडियमों का निर्माण, एसपीओ के मानदेय में बढ़ोत्तरी, पांच आईआर बटालियन का गठन तथा पशमीना प्रमोशन कार्यक्रम शामिल हैं।
पर्यटन, कृषि, हार्टिकल्चर तथा शहरी विकास सेक्टर को भी प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। आर्थिक ढांचों में सुधार के तहत बिजली, सड़क, परिवहन की परियोजनाओं के साथ ही श्रीनगर-लेह 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन, लेह व कारगिल में दो सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित करने, श्रीनगर-जम्मू हाईवे का विकास, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का विकास तथा जम्मू एवं श्रीनगर में आधारभूत सुविधाओं में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव है।