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Jammu News: वोकेशनल सेंटर का 1.15 करोड़ रुपये से किया जीर्णोद्धार, 10 माह बाद भी नहीं खुला
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रिश्चियन कॉलोनी में 1.15 करोड़ रुपये से 22 दिसंबर, 2022 में सुधारे गए वोकेशनल सेंटर पर ताला लटका हुआ है। इसमें पार्क, बास्टकेटबॉल, वॉलीबाल के साथ अन्य कई खेलों के कोर्ट बनाए गए हैं, लेकिन ये खिलाड़ियों और लोगों के काम नहीं आ रहे। इसी साल मार्च में सेंटर को वोकेशनल कोर्स और खेल गतिविधियां करवाने के लिए समाज कल्याण विभाग को सौंपा गया था, लेकिन 10 माह बाद भी इसे खोला नहीं गया है। इसके तहत वेब डिजाइनिंग, टेलीकम्युनिकेशन, हेल्थ केयर, फोटोग्राफी, गेम डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, टूरिज्म, कंप्यूटर साइंस, हाउस कीपिंग, ऑफिस मैनेजमेंट, सिलाई-कढ़ाई आदि कोर्स करवाए जा सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई सुविधा नहीं है। लोगों के अनुसार कभी-कभार यहां तीन लोग आते हैं और शाम 4:30 बजे तक वापस चले जाते हैं। बच्चे खेलने के लिए अंदर तो जा रहे हैं, लेकिन दीवारों को फांदकर। झूले टूट चुके हैं। वोकेशनल सेंटर में दिव्यांगों को आने-जाने के लिए रैंप भी बनाया गया है। पार्क में वाटर एटीएम भी हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं होता।
कंप्यूटर, सिलाई और सैलून का काम सीखना चाहती हैं महिलाएं
वार्ड-7 की निवासी पूजा, सोनिया, रानी, बबली, रजनी, शशि आदि ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए यहां पर खेलकूद के लिए अलग-अलग कोर्ट बनाए गए हैं, लेकिन सेंटर के गेट पर ताला लटका होने से इनका लाभ नहीं मिल पा रहा। अधिकतर महिलाएं कंप्यूटर, सिलाई, सैलून का काम सीखना चाहती हैं, लेकिन सेंटर में इसके लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जब पता चला कि सेंटर हमारे लिए बनाया जा रहा तो काफी खुश थे, लेकिन आज तक इसके खुलने का इंतजार कर रहे हैं। यहां बेटियों के लिए कुकिंग क्लास होनी चाहिए, ताकि वे घरेलू व्यंजनों के साथ-साथ देशी-विदेशी व्यंजनों को पकाने का प्रशिक्षण ले सकें।
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वोकेशनल सेंटर वार्ड-10 के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि इसमें बजुर्गों के लिए भी कुछ सहूलियतें दी जाएं, ताकि उनका शाम का समय आराम से व्यतीत हो सके। विभाग को जल्द से जल्द सेंटर को खोलकर लोगों को सुविधाएं प्रदान करनीं चाहिए।
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- रितु चौधरी, पूर्व पार्षद, वार्ड-10
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हमारा काम था इमारत का जीर्णोद्धार करना। दिसंबर 2022 में इमारत को तैयार कर समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है। अगर अभी भी विभाग इसे शुरू नहीं कर पाया है, तो इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के हवाले कर दिया जाए, ताकि सेंटर को चलाया जा सके।
- राहुल यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
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यहां पर पहले भी सेंटर था, लेकिन भवन की मरम्मत की जरूरत थी। विभाग के आला अधिकारी के संज्ञान में यह मुद्दा लाया जाएगा और उनसे विचार-विमर्श कर सेंटर में क्या-क्या सुविधाएं दी जानीं हैं इस पर बात कर जल्द इसे शुरू करवाया जाएगा।
- मंजीत सिंह, टीएसओ, समाज कल्याण विभाग
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जम्मू। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत क्रिश्चियन कॉलोनी में 1.15 करोड़ रुपये से 22 दिसंबर, 2022 में सुधारे गए वोकेशनल सेंटर पर ताला लटका हुआ है। इसमें पार्क, बास्टकेटबॉल, वॉलीबाल के साथ अन्य कई खेलों के कोर्ट बनाए गए हैं, लेकिन ये खिलाड़ियों और लोगों के काम नहीं आ रहे। इसी साल मार्च में सेंटर को वोकेशनल कोर्स और खेल गतिविधियां करवाने के लिए समाज कल्याण विभाग को सौंपा गया था, लेकिन 10 माह बाद भी इसे खोला नहीं गया है। इसके तहत वेब डिजाइनिंग, टेलीकम्युनिकेशन, हेल्थ केयर, फोटोग्राफी, गेम डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, टूरिज्म, कंप्यूटर साइंस, हाउस कीपिंग, ऑफिस मैनेजमेंट, सिलाई-कढ़ाई आदि कोर्स करवाए जा सकते हैं, लेकिन अभी तक कोई सुविधा नहीं है। लोगों के अनुसार कभी-कभार यहां तीन लोग आते हैं और शाम 4:30 बजे तक वापस चले जाते हैं। बच्चे खेलने के लिए अंदर तो जा रहे हैं, लेकिन दीवारों को फांदकर। झूले टूट चुके हैं। वोकेशनल सेंटर में दिव्यांगों को आने-जाने के लिए रैंप भी बनाया गया है। पार्क में वाटर एटीएम भी हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं होता।
कंप्यूटर, सिलाई और सैलून का काम सीखना चाहती हैं महिलाएं
वार्ड-7 की निवासी पूजा, सोनिया, रानी, बबली, रजनी, शशि आदि ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए यहां पर खेलकूद के लिए अलग-अलग कोर्ट बनाए गए हैं, लेकिन सेंटर के गेट पर ताला लटका होने से इनका लाभ नहीं मिल पा रहा। अधिकतर महिलाएं कंप्यूटर, सिलाई, सैलून का काम सीखना चाहती हैं, लेकिन सेंटर में इसके लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। जब पता चला कि सेंटर हमारे लिए बनाया जा रहा तो काफी खुश थे, लेकिन आज तक इसके खुलने का इंतजार कर रहे हैं। यहां बेटियों के लिए कुकिंग क्लास होनी चाहिए, ताकि वे घरेलू व्यंजनों के साथ-साथ देशी-विदेशी व्यंजनों को पकाने का प्रशिक्षण ले सकें।
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वोकेशनल सेंटर वार्ड-10 के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि इसमें बजुर्गों के लिए भी कुछ सहूलियतें दी जाएं, ताकि उनका शाम का समय आराम से व्यतीत हो सके। विभाग को जल्द से जल्द सेंटर को खोलकर लोगों को सुविधाएं प्रदान करनीं चाहिए।
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- रितु चौधरी, पूर्व पार्षद, वार्ड-10
हमारा काम था इमारत का जीर्णोद्धार करना। दिसंबर 2022 में इमारत को तैयार कर समाज कल्याण विभाग को सौंप दिया गया है। अगर अभी भी विभाग इसे शुरू नहीं कर पाया है, तो इसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के हवाले कर दिया जाए, ताकि सेंटर को चलाया जा सके।
- राहुल यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
यहां पर पहले भी सेंटर था, लेकिन भवन की मरम्मत की जरूरत थी। विभाग के आला अधिकारी के संज्ञान में यह मुद्दा लाया जाएगा और उनसे विचार-विमर्श कर सेंटर में क्या-क्या सुविधाएं दी जानीं हैं इस पर बात कर जल्द इसे शुरू करवाया जाएगा।
- मंजीत सिंह, टीएसओ, समाज कल्याण विभाग