जम्मू-कश्मीर: मजहबी आतंकवाद से मुकाबले के लिए हिंदुओं को सैन्य प्रशिक्षण दे सरकार, जैन बोले- अब हो रहा विकास
जम्मू में विहिप के सुरेंद्र जैन ने जम्मू-कश्मीर की सभी समस्याओं की जड़ मजहबी कट्टरता को बताया। कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से प्रदेश में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है।
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विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने जम्मू-कश्मीर में मजहबी आतंकवाद से मुकाबले के लिए यहां के हिंदुओं को आत्मरक्षा के लिए सैन्य प्रशिक्षण देने की सरकार से मांग की है।
जम्मू में विहिप की प्रांत स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने आए सुरेंद्र जैन ने प्रेसवार्ता में कहा कि इंदौर में पिछले माह हुई विहिप की अखिल भारतीय बैठक में प्रस्ताव पारित किया था। इसमें जम्मू-कश्मीर की सभी समस्याओं की जड़ मजहबी कट्टरता को बताया गया था।
उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से प्रदेश में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है। कश्मीर घाटी में आतंकवाद कम हो रहा है। लेकिन आतंकियों ने लक्षित हत्याओं, खासतौर से जम्मू संभाग में आतंकवाद की घटनाओं को पिछले कुछ अर्से से बढ़ाने की साजिश रची है।
राजोरी के ढांगरी में हिंदुओं की लक्षित हत्याएं गंभीर मामला है। ऐसी घटना फिर कभी न हो, इसके लिए सरकार व सुरक्षा बलों को काम तो करना ही चाहिए। साथ ही हिंदुओं को सैन्य प्रशिक्षण व ग्रामीण सुरक्षा समितियों को आधुनिक हथियार दिए जाने चाहिए, ताकि दहशतगर्दों का नाश किया जा सके।
मजहबी कट्टरता के खिलाफ आगे आएं मुस्लिम नेता व प्रतिनिधि
उन्होंने कहा, मजहबी कट्टरता के खिलाफ देश के मुस्लिम नेताओं व प्रतिनिधियों को आगे आना होगा। जैन ने कहा, गुपकार गठबंधन में शामिल दल स्वार्थी हैं। ऐसी पार्टियों ने दशकों तक प्रदेश में शासन किया है और जम्मू-कश्मीर को लूटने का काम किया है।
उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा से मांग की कि भूमि जिहाद के खिलाफ और कड़े कदम उठाएं। मौके पर विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष लीला करण शर्मा और कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गुप्ता भी मौजूद रहे।