फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Uproar over Domicile law, NC and PDP said try to change demographics

फिर डोमिसाइल कानून पर उठा बवंडर, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने कहा- जनसांख्यिकी में बदलाव की कोशिश

Sat, 27 Jun 2020 06:19 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 27 Jun 2020 06:19 PM IST
विज्ञापन
Uproar over Domicile law, NC and PDP said try to change demographics
महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला - फोटो : अमर उजाला

बिहार के मूल निवासी और जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस अधिकारी नवीन कुमार चौधरी को डोमिसाइल प्रमाण पत्र जारी होने के साथ ही एक बार फिर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह जनसांख्यिकी में बदलाव करने की कोशिश है। इस बीच नई व्यवस्था लागू होने के बाद 30 हजार से ज्यादा लोग ऑनलाइन डोमिसाइल प्रमाणपत्र ले चुके हैं।

विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः जब भारतीय वायुसेना के चार जांबाजों ने पाकिस्तान में घुसकर उड़ाई थी हथियारों से भरी ट्रेन    
विज्ञापन


नेशनल कॉफ्रेंस(नेकां) ने जम्मू कश्मीर से बाहर के लोगों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र देने को असांविधानिक और जनविरोधी प्रक्रिया बताया है। कहा कि इस कवायद का मकसद स्थायी बाशिंदों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करना है। पार्टी ने डोमिसाइल आदेश को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि डोमिसाइल संबंधी नए नियमों से जम्मू कश्मीर के लोगों को नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः लद्दाख की बाना टॉप का किस्साः इस योद्धा ने बर्फ की 1500 फीट ऊंची दीवार पर चढ़ उड़ाए थे पाक के होश

कहा कि डोमिसाइल नियमों को लेकर हमारी सभी आशंका सच साबित हो रही हैं। नेकां इस बदलाव का विरोध करती है क्योंकि हमें इस बदलाव के पीछे के इरादे सही नहीं लगते हैं। जम्मू कश्मीर के पीर पंजाल पर्वत के दोनों तरफ  के लोगों को इन नए नियमों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने कहा कि पार्टी नए नियमों का विरोध करती है। आरोप लगाया कि नए नियमों का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर करना है।

नए कानून पर पीपुल्स डेमोक्रटिक पार्टी (पीडीपी) ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि केंद्र सरकार के इन अप्रत्यक्ष तरीकों का मकसद प्रदेश की जनसांख्यिकी में बदलाव करना है। आरोप लगाया कि केंद्र का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम बहुलता वाले राज्य की संरचना को बदलने का है। वह भी ऐसे समय में जब इस देश में सभी चीजों को धर्म के चश्मे से देखा जा रहा है। 

पार्टी प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि एजेंडा सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि उनकी मंशा जनसांख्यिकीय बदलाव करने की है। नौकरियां, प्राकृतिक संसाधन, सांस्कृतिक पहचान और वे सभी चीजें जिन्हें कश्मीर के लोगों ने सुदृढ़ सांविधानिक गारंटी के माध्यम से बचा कर रखा था वह सभी उनके निशाने पर हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed