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Jammu News: एसएसएच के इतिहास में एक ही दिन में दो बड़ी सर्जरी
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22वें सफल किडनी प्रत्यारोपण के साथ राजोरी की युवा महिला की ओपन हार्ट सर्जरी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (एसएसएच) जम्मू के इतिहास में एक ही दिन में दो सफल बड़ी सर्जरी की गईं। इसमें एक किडनी प्रत्यारोपण किया गया जो 22वां था और एक अन्य में सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। दोनों ही मामलों में मरीज की सर्जरी के बाद उनके स्थिर और रिकवर होने का दावा किया गया है।
सुपर स्पेशियलिटी में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा बढ़ने से किडनी फेलियर मरीजों को राहत मिल रही है। अब उन्हें दूसरे राज्यों के बजाय यहीं पर प्रत्यारोपण की सुविधा मिल रही है। प्रत्यारोपण के नए मामले में एक 45 वर्षीय पुरुष मरीज किडनी बीमारी के अंतिम चरण में था और पिछले छह माह से डायलिसिस पर था। अस्पताल प्रशासन ने उसके प्रत्यारोपण का फैसला लिया, जिसमें उसके डोनर की किडनी से सफल प्रत्यारोपण किया गया। मरीज को अभी अस्पताल में उपचार दिया जा है। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डा. रेहाना खुर्शीद और उप चिकित्सा अधीक्षक डा. संजोगिता सूदन ने कहा कि भविष्य में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इस सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. एलियास शर्मा प्रोफेसर व प्रमुख यूरोलॉजी, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. अजय आनंद, डॉ. मुजैन, डॉ. सुनील के भट्ट, डॉ. यासिर, डॉ. चेतन के अलावा ट्रांसप्लांट वर्कअप से संबंधित चिकित्सा प्रबंधन के मुद्दे, डायलिसिस निर्णय की आवश्यकता, इम्यूनोसप्रेसेन्ट के संबंध में निर्णय, क्रॉस मैच और पोस्टऑपरेटिव देखभाल में डॉ. अब्दुल मजीद (डीएम नेफ्रोलॉजी), डॉ. राजू भंडारी, डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. अनुराधा, डॉ. आशीष, डॉ. बलजीत, विभाग से डॉ. प्रणस की सेवाएं ली गईं। इसके अलावा एनेस्थीसिया टीम भी शामिल की गई।
एक अन्य मामले में कार्डियोवास्कुलर और थोरेसिक विभाग की ओर से राजोरी निवासी एक युवा महिला मरीज की सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। इसमें गत 26 मार्च को गंभीर रूप से हृदय बीमारी से पीड़ित युवा महिला मरीज की सर्जरी की गई। वह कई शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त थी। ऑपरेशन के दौरान भी वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ टेबल पर इकोकार्डियोग्राफी सहायता के लिए ओटी में मौजूद थे। सर्जरी के बाद आईसीयू में पोस्टऑपरेटिव अवधि में मरीज का प्रबंधन सीटीए विभाग द्वारा किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (एसएसएच) जम्मू के इतिहास में एक ही दिन में दो सफल बड़ी सर्जरी की गईं। इसमें एक किडनी प्रत्यारोपण किया गया जो 22वां था और एक अन्य में सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। दोनों ही मामलों में मरीज की सर्जरी के बाद उनके स्थिर और रिकवर होने का दावा किया गया है।
सुपर स्पेशियलिटी में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा बढ़ने से किडनी फेलियर मरीजों को राहत मिल रही है। अब उन्हें दूसरे राज्यों के बजाय यहीं पर प्रत्यारोपण की सुविधा मिल रही है। प्रत्यारोपण के नए मामले में एक 45 वर्षीय पुरुष मरीज किडनी बीमारी के अंतिम चरण में था और पिछले छह माह से डायलिसिस पर था। अस्पताल प्रशासन ने उसके प्रत्यारोपण का फैसला लिया, जिसमें उसके डोनर की किडनी से सफल प्रत्यारोपण किया गया। मरीज को अभी अस्पताल में उपचार दिया जा है। जीएमसी के प्रिंसिपल डा. आशुतोष गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डा. रेहाना खुर्शीद और उप चिकित्सा अधीक्षक डा. संजोगिता सूदन ने कहा कि भविष्य में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इस सर्जरी को सफल बनाने में डॉ. एलियास शर्मा प्रोफेसर व प्रमुख यूरोलॉजी, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. अजय आनंद, डॉ. मुजैन, डॉ. सुनील के भट्ट, डॉ. यासिर, डॉ. चेतन के अलावा ट्रांसप्लांट वर्कअप से संबंधित चिकित्सा प्रबंधन के मुद्दे, डायलिसिस निर्णय की आवश्यकता, इम्यूनोसप्रेसेन्ट के संबंध में निर्णय, क्रॉस मैच और पोस्टऑपरेटिव देखभाल में डॉ. अब्दुल मजीद (डीएम नेफ्रोलॉजी), डॉ. राजू भंडारी, डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. अनुराधा, डॉ. आशीष, डॉ. बलजीत, विभाग से डॉ. प्रणस की सेवाएं ली गईं। इसके अलावा एनेस्थीसिया टीम भी शामिल की गई।
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एक अन्य मामले में कार्डियोवास्कुलर और थोरेसिक विभाग की ओर से राजोरी निवासी एक युवा महिला मरीज की सफल ओपन हार्ट सर्जरी की गई। इसमें गत 26 मार्च को गंभीर रूप से हृदय बीमारी से पीड़ित युवा महिला मरीज की सर्जरी की गई। वह कई शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त थी। ऑपरेशन के दौरान भी वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ टेबल पर इकोकार्डियोग्राफी सहायता के लिए ओटी में मौजूद थे। सर्जरी के बाद आईसीयू में पोस्टऑपरेटिव अवधि में मरीज का प्रबंधन सीटीए विभाग द्वारा किया जा रहा है।
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