JK: आयरन की गोलियों ने दो बच्चों की जान
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रामबन जिले के दो स्कूलों में दो बच्चों की संदिग्ध हालात में हुई मौत का कारण स्कूल में दी गईं आयरन की गोलियां मानी जा रही हैं। स्कूल में खाने के लिए देने के बजाय बच्चों को घर ले जाने के लिए गोलियों के पूरे डिब्बे दे दिए गए थे।
गोलियों की एक्सपायरी डेट अगस्त 2015 बताई जा रही है। हाई स्कूल चंबलवास के तीसरी कक्षा के छात्र तौकीर अहमद और गर्ल्स मिडिल स्कूल लांबर की छठी की छात्रा इकरा बानो की मौत हुई है।
डीसी फारूक शाह बुखारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामबन, मुख्य शिक्षा अधिकारी रामबन और एडीडीसी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है। टीम को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों स्कूलों के हेडमास्टरों को निलंबित कर दिया गया है।
घर ले जाने के लिए गोली के डिब्बे दे दिए गए थे
बताया जाता है कि दोनों स्कूलों में पिछले काफी समय से आयरन की गोलियां नहीं बांटी गईं थीं, लेकिन इस सप्ताह एक साथ गोलियां बांट दी गईं थीं। कुछ बच्चों को गोलियों के पूरे डिब्बे घर ले जाने के लिए दे दिए गए थे।
तौकीर के भाई ने बताया कि तौकीर को स्कूल से आयरन की गोलियां मिलीं थीं। तौकीर ने शनिवार को चुपके से कई गोलियां एकसाथ खा लीं। इससे उसकी हालत खराब हो गई।
उसे स्थानीय अस्पताल से श्रीनगर रेफर किया गया, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया। इकरा बानो की रविवार को मौत हुई है। उसे बनिहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।