फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   tulip garden

ट्यूलिप गार्डन में बहार, निहारने वाला कोई नहीं

विज्ञापन
tulip garden
श्रीनगर। डल झील के किनारे जबरवान की पहाड़ियों के दामन में स्थित एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन रंग बिरंगे फूलों से गुलजार है लेकिन इन्हें निहारने वाला कोई नहीं है। कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन से यहां भी सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां कोई पर्यटक नहीं पहुंचा है। 17 मार्च को प्रशासन ने एहतियातन इस गार्डन को पर्यटकों के लिए बंद कर रखा है ताकि भीड़ न जुटे।
विज्ञापन

गार्डन के बंद होने से पर्यटन को भी काफी नुकसान पहुंचा है। गार्डन प्रबंधन को दो से ढाई करोड़ तो पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों को इससे भी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी में पर्यटन को पहुंचे नुकसान की भरपाई इस गार्डन के खुलने पर निर्भर थी। गार्डन को आम तौर पर हर साल एक अप्रैल को खोला जाता है लेकिन इस बार मार्च के अंतिम सप्ताह में खोले जाने की तैयारी थी।
विज्ञापन

-इस बार चार लाख पर्यटकों के आने का था अनुमान
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 2.85 लाख लोग ट्यूलिप गार्डन देखने पहुंचे थे। इनमें स्थानीय और गैर स्थानीय लोग भी शामिल थे। इस बार ये आंकड़ा 4 लाख पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन कोरोना वायरस ने पानी फेर कर रख दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

-इस बार 50 हजार अधिक बल्ब लगाए गए
पिछले साल 2019 में इस गार्डन में 12.50 लाख ट्यूलिप के बल्ब लगाए गए थे। इस बार 50 हजार अधिक यानी 13 लाख बल्ब लगाए गए हैं। इनमें चार नई किस्म के ट्यूलिप विदेश से आयात किए गए थे। यही नहीं जापान के श्चेरी गार्डन की तर्ज पर इसकी एंट्री और एक्जिट पर लोगों को लुभाने के लिए विभिन कि स्मों के फूल भी लगाए गए हैं। एक जानकारी के अनुसार, इस साल इस बाग को तैयार करने में करीब 60-70 लाख का खर्च हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed