अमरनाथ यात्रा के 12वें जत्थे की बस को ट्रक ने मारी टक्कर
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राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त होने के दो दिन के बाद अमरनाथ यात्रा का 12वां जत्था शहर से बम-बम भोले के जयघोष लगाते हुए गुजरा। यह जत्था इस वर्ष का सबसे बड़ा जत्था था। इसको टिकरी की सीमा को पार करने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा।
इसके अलावा पत्नीटाप में जत्थे की बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। उसके बाद दूसरी बस की व्यवस्था कर यात्रियों को शाम को आगे की तरफ निकाला गया। भोले की महिमा का गुणगान करते हुए 12वें जत्थे का पहला वाहन सुबह 6:55 पर टिकरी इलाके की सीमा में दाखिल हुआ।
जत्थे में वाहनों की संख्या ज्यादा होने और जाम की समस्या होने के कारण जत्थे को टिकरी से गुजरने को एक घंटे से ज्यादा समय लगा। अंतिम वाहन सुबह 8:03 पर गुजरा। टिकरी से गुजरने के बाद सुबह करीब आठ बजे जत्था शहर की सीमा में दाखिल हुआ।
कड़ी सुरक्षा के बीच से शहर से गुजरने के बाद जत्थे का पहला वाहन 9:40 पर पत्नीटाप की सीमा में दाखिल हुआ। जहां जत्थे ने रुक कर लंगरों में प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद ग्रहण करने के बाद जत्था आगे की तरफ बढ़ गया।
खाई में जा गिरी बस
जत्थे की बस नंबर एमएच18एए-9992 जैसे ही कुद पहुंची तो अचानक बस को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर से बस राजमार्ग से हटकर करीब पांच फीट नीचे खाई में चली गई। बस में यात्रियों की हाहाकार मच गई। तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच गई और यात्रियों को बाहर निकाला।
एक यात्री मामूली रूप से घायल हो गया उसको तुरंत पीएचसी कुद ले जाया गया। जबकि बाकी के यात्री पूरी तरह से सुरक्षित थे। पुलिस ने दूसरी बस की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन यात्री नहीं माने। क्रेन मंगवाकर बस को निकाला गया और मैकेनिक बुलाकर मरम्मत का काम शुरू किया गया।
शाम छह बजे तक बस की मरम्मत नहीं हो पाई। इसके बाद पुलिस ने दूसरी बस मंगवाई और करीब सात बजे जत्थे के आखिरी वाहन को आगे की तरफ रवाना कर दिया गया। जत्थे में कुल 119 वाहन थे, इनमें 100 बसें व 19 छोटे वाहन थे। इन वाहनों में 4633 अमरनाथ श्रद्धालु सवार थे। इनमें 3302 पुरुष, 1012 महिलाएं, 80 बच्चे, 215 साधु, 23 साध्वी व एक किन्नर था।