{"_id":"6525bae2699f733912000e14","slug":"trafiic-police-helmet-jammu-news-c-10-jmu1037-219870-2023-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: जिंदगी से खिलवाड़... सिर नहीं नियमों को ढक रहे सस्ते हेलमेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: जिंदगी से खिलवाड़... सिर नहीं नियमों को ढक रहे सस्ते हेलमेट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बाइक पर बैठे दोनों लोगों के लिए हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन दोपहिया वाहन चालक खुद की सुरक्षा से ज्यादा ट्रैफिक चालान से रक्षा करने वाली व्यवस्था अपना रहे हैं। उन्हें यह तक नहीं पता कि सस्ते हेलमेट उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर सकते हैं। कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में नियमों से खिलवाड़ कर रहे हैं। हेलमेट को मात्र मजबूरी समझा जा रहा है। बाइक के पीछे बैठे अधिकांश लोग बिना आईएसआई मार्क के हेलमेट के बजाय सस्ता हेलमेट पहन रहे हैं। इससे न सिर्फ मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है बल्कि खुद की सुरक्षा में भी बड़ा खतरा है।
यह लापरवाही मंगलवार को सामने आई जब अमर उजाला की टीम ने बिक्रम चौक, ज्यूल चौक, डोगरा चौक, भगवती नगर पुल तक दौरा किया। इस दौरान सामने आया कि बाइक के पीछे बैठे अधिकांश लोगों ने बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट पहना था। ये हेलमेट दुकान से लेकर सड़क किनारे लगी रेहड़ी से 250 से 300 रुपये तक मिल जाते हैं। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (आईएसआई) के 4151:2015 के मानक पर खरे उतरने वाले हेलमेट से इनकी कीमत कम होती है, ऐसे में लोग सिर्फ ट्रैफिक चालान से बचने के लिए इन्हें खरीदते है। ये हेलमेट सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतरते और दुर्घटना के दौरान गंभीर चोट लगने की संभावना बनी रहती है।
नियम के अनुसार यदि किसी दोपहिया वाहन चालक ने नकली या बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट पहना है तो उसका चालान कटता है। इसके बावजूद ज्यादातर नाकों पर नकली हेलमेट पहने बाइक सवार गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
दोपहिया वाहन सवार समेत पीछे बैठे लोग हेलमेट पहन रहे हैं। अगर हेलमेट आईएसआई मार्क का नहीं है तो यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। इसके प्रति जागरूक करेंगे ताकि लोग सही हेलमेट को खरीदें।
-फैजल कुरैशी, एसएसपी ट्रैफिक
विज्ञापन
जम्मू। बाइक पर बैठे दोनों लोगों के लिए हेलमेट अनिवार्य है, लेकिन दोपहिया वाहन चालक खुद की सुरक्षा से ज्यादा ट्रैफिक चालान से रक्षा करने वाली व्यवस्था अपना रहे हैं। उन्हें यह तक नहीं पता कि सस्ते हेलमेट उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर सकते हैं। कई लोग पैसे बचाने के चक्कर में नियमों से खिलवाड़ कर रहे हैं। हेलमेट को मात्र मजबूरी समझा जा रहा है। बाइक के पीछे बैठे अधिकांश लोग बिना आईएसआई मार्क के हेलमेट के बजाय सस्ता हेलमेट पहन रहे हैं। इससे न सिर्फ मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है बल्कि खुद की सुरक्षा में भी बड़ा खतरा है।
यह लापरवाही मंगलवार को सामने आई जब अमर उजाला की टीम ने बिक्रम चौक, ज्यूल चौक, डोगरा चौक, भगवती नगर पुल तक दौरा किया। इस दौरान सामने आया कि बाइक के पीछे बैठे अधिकांश लोगों ने बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट पहना था। ये हेलमेट दुकान से लेकर सड़क किनारे लगी रेहड़ी से 250 से 300 रुपये तक मिल जाते हैं। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (आईएसआई) के 4151:2015 के मानक पर खरे उतरने वाले हेलमेट से इनकी कीमत कम होती है, ऐसे में लोग सिर्फ ट्रैफिक चालान से बचने के लिए इन्हें खरीदते है। ये हेलमेट सुरक्षा के मानकों पर खरा नहीं उतरते और दुर्घटना के दौरान गंभीर चोट लगने की संभावना बनी रहती है।
विज्ञापन
नियम के अनुसार यदि किसी दोपहिया वाहन चालक ने नकली या बिना आईएसआई मार्क का हेलमेट पहना है तो उसका चालान कटता है। इसके बावजूद ज्यादातर नाकों पर नकली हेलमेट पहने बाइक सवार गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
दोपहिया वाहन सवार समेत पीछे बैठे लोग हेलमेट पहन रहे हैं। अगर हेलमेट आईएसआई मार्क का नहीं है तो यह लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है। इसके प्रति जागरूक करेंगे ताकि लोग सही हेलमेट को खरीदें।
-फैजल कुरैशी, एसएसपी ट्रैफिक