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Jammu News: 41 डिग्री पारे में ड्यूटी दे रहे ट्रैफिक कर्मी, गर्मी से बचाव के लिए कोई प्रबंध नहीं

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Traffic Employee Doing duty at Road in 41 Degree Temperature
- गुजरात के वडोदरा, यूपी के लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में ट्रैफिक पुलिस के पास है एसी हेलमेट की सुविधा
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- आठ-आठ घंटे तक सड़कों पर खड़े रहने से सनबर्न, सन स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे ट्रैफिक कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सूर्य पुत्री तवी का शहर जम्मू अपने नाम की तरह तपने लगा है। शहर में पिछले एक सप्ताह से पारा 41 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। धूप और लू झूलसाने लगी है। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस अपना मोर्चा संभाले हुए है।
आठ-आठ घंटे तक सड़कों पर खड़े रहकर ड्यूटी दे रहे ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को गर्मी से बचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है जबकि 36 से 40 डिग्री तापमान वाले गुजरात के वडोदरा, उत्तरप्रदेश के कानपुर और लखनऊ जैसे शहरों में ट्रैफिक कर्मियों को एसी हेलमेट की सुविधा दी जा रही है। ऐसी सुविधा की जम्मू में भी सख्त जरूरत है, क्योंकि यहां पारा 41 से 42 डिग्री के बीच पहुंच चुका है।
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गर्मी में दिन भर सड़कों पर खड़ने रहने से ट्रैफिक पुलिसकर्मी सनबर्न, सन स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। शहर के विभिन्न अस्पतालों में इस तरह के मामले भी आ रहे हैं। कुछ प्रमुख चौराहों को छोड़ दे तो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए बूथ तक नहीं हैं। जहां बूथ हैं वहां पानी की व्यवस्था तक नहीं है। कानपुर, लखनऊ व वडोदरा में पुलिस कर्मियों के लिए एसी हेलमेट की सुविधा है। हैदराबाद की एक कंपनी ने इस हेलमेट को बनाया है। हेलमेट को पहनने के बाद बाहर के पारे से 15 डिग्री कम पारा महसूस होता है। ऐसे में गर्मी में ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने ड्यूटी आसानी से कर पाते हैं। जम्मू स्मार्ट सिटी के तहत शहर में स्मार्ट ट्रैफिक बूथ बनाए गए हैं, लेकिन उनमें सुविधाओं का अभाव है। इन बूथों में विभाग की ओर से सिर्फ पानी का कैंपर भी मुहैया करवाया जाता है जबकि पंखे या कूलर जैसी व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी में सड़क पर ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की खुद की सुरक्षा खुद के हाथ में ही है। सनबर्न की समस्या न हो इसके लिए ग्लव्ज और चश्मा तक नहीं मिलता है।
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बैटरी से चलता है एसी हेलमेट
-एसी हेलमेट बैटरी से चलता है। इसका पावर बैकअप आठ घंटे तक होता है।
-ये बाहरी तापमान को 15 डिग्री तक कम करने में सहायक है।
-हेलमेट का वजन 500 ग्राम है। इसमें एक वाइजर होता है जो आंखों के लिए सनशेड का काम करता है।
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स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 30 के करीब ट्रैफिक बूथ बनाए हैं। इनमें सभी मूलभूत सुविधा मुहैया करवाई जा रही हैं। मुलभूत सुविधाओं को पूरा करने के बाद एसी हेलमेट जैसे अन्य नई तकनीक को भी लागू करने की कोशिश की जाएगी ताकि ट्रैफिक कर्मी को ड्यूटी करने का बेहतर माहौल मिले।
डॉ. मोहम्मद हसीब मुगल, डीआईजी, ट्रैफिक जम्मू
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