जम्मू-कश्मीर: सोपोर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर का शीर्ष आतंकी ढेर
- लश्कर का शीर्ष आतंकी आसिफ मारा गया
- जम्मू के सभी जिलों में हालात सामान्य- डीजीपी
- 450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना
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विस्तार
उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में बुधवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में लश्कर ए तैयबा के एक आतंकी को मार गिराया। सुरक्षाबलों को सोपोर में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
इसी दौरान इलाके में छिपे आतंकी ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में सेना की ओर से भी फायरिंग की गई। पुलिस के अनुसार इसमें लश्कर ए तैयबा के शीर्ष कमांडरों में शामिल आतंकी आसिफ को मार गिराने में सफलता मिली। पुलिस ने उसके पास से हथियार व गोला बारूद बरामद किया है। वहीं मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
Top ranking LeT terrorist Asif neutralised in an encounter in Sopore, Jammu and Kashmir: Police Sources pic.twitter.com/brTWMESSnRविज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 11, 2019
जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि माारे गए लश्कर के आतंकी आसिफ ने सोपोर में काफी आतंक मचा रखा था। पिछले एक महीने में वह आतंकी गतिविधियों में बहुत सक्रिय था। इतना ही नहीं पोस्टर जारी करके घाटी के लोगों को दुकानें और कारोबार बंद रखने की धमकी भी दी थी।
उन्होंने बताया कि आज यानी की बुधवार सुबह सूत्रों से सूचना मिली की यह आतंकी सोपोर में छिपा हुआ है। इसको देखते हुए सेना के जवानों द्वारा इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन की भनक लगते ही आतंकी ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं आतंकी आसिफ ने ऑपरेशन में लगी टीम पर ग्रेनेड फेंका जिससे 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
J&K DGP Dilbag Singh: LeT's Asif had created a lot of terror in Sopore. Over the last 1 month he was very active. He made use of Over Ground Workers to print posters threatening civilians not to open shops & not to go for their day-to-day activities. pic.twitter.com/LEMN5ou5P0
— ANI (@ANI) September 11, 2019
डीजीपी ने बताया कि जम्मू के सभी 10 जिलों में हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं। सभी स्कूल, कॉलेज और कार्यालय खुले हैं। लेह और कारगिल में भी हालात सामान्य हैं। वहां किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। कहा कि 90 फीसदी से अधिक क्षेत्र प्रतिबंधों से मुक्त हैं, साथ ही सौ फीसदी टेलीफोन एक्सचेंज काम कर रहे हैं।
450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना
घाटी में 230 पाकिस्तानी आतंकियों के साथ ही 450 से अधिक आतंकियों की मौजूदगी की सूचना है। उत्तरी कश्मीर में ज्यादातर पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी है। दक्षिणी कश्मीर में भी लश्कर ए तैयबा तथा जैश ए मोहम्मद की कमान पाकिस्तानी आतंकियों के हाथ है। हिजबुल से जुड़े आतंकी अधिक संख्या में दक्षिणी कश्मीर में सक्रिय हैं जिनमें ज्यादातर स्थानीय हैं।
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद सुरक्षा बलों की ओर से बनाए गए दबाव के चलते ज्यादातर आतंकियों ने पहाड़ों पर सुरक्षित स्थानों पर पनाह ले ली है। अब इन दहशतगर्दों को घेरने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से पहाड़ों पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाने की तैयारी है।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि त्राल में दो गुज्जरों की हत्या के बाद अब पहाड़ों पर आतंकियों को घेरने की योजना बनाई गई है। हकीकत पता चलने पर अब लोगों ने अपने घरों में इन्हें पनाह देना बंद कर दिया है। इस वजह से आतंकियों ने भागकर पहाड़ों पर सुरक्षित ठिकाना तलाश लिया है।