रेल बजट: ‘प्रभु’ के पिटारे पर रियासत की टिकी नजरें
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु वीरवार को जब अपना दूसरा रेल बजट पेश करेंगे, तो रियासत के लोगों की भी उम्मीद की किरण के साथ उनके पिटारे पर नजर होगी।
हालांकि पिछले साल कटड़ा को आधुनिक सुविधाओं से लैस नया रेलवे स्टेशन मिला, लेकिन जम्मू रेलवे स्टेशन आज भी उच्च स्तरीय सुविधाओं की राह देख रहा है। रेलवे ने जम्मू को देश के अन्य रेलवे स्टेशनों की तर्ज पर माडल स्टेशन बनाने की घोषणा तो की, लेकिन आज तक उससे संबंधित यात्री सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई गईं।
प्लेटफार्म पर वाई-फाई की घोषित सुविधा तो दूर खानपान के स्टैंडर्ड स्टाल तक नहीं मिल पाए। पिछले 40 साल से जम्मू का व्यस्त रेलवे स्टेशन तीन प्लेटफार्म पर ही निर्भर है।
लंबे समय से प्लेटफार्म बढ़ाने की मांग की जा रही है। रेलवे स्टेशन के वेटिंग हाल की व्यवस्था सुधारने के लिए भी कई बार लिखा जा चुका है। रेलवे स्टेशन के पास स्थित पेट्रोलियम कंपनियों के डिपो हटाने की भी लंबे समय से मांग चल रही है।
मॉडल स्टेशन घोषित, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं
रेल बजट से पहले रेल मंत्री जम्मू का दौरा करके और हालात का जायजा लेकर गए थे। इसके अलावा रियासत के भाजपा नेताओं ने रेलमंत्री के समक्ष कई मांगें रखीं हैं।
लोगों को उम्मीद है कि रेल मंत्री उस पर अपनी नजर-ए-इनायत करेंगे। 2015 में अपने पहले रेल बजट में प्रभु ने किसी नई ट्रेन का एलान नहीं किया था, लेकिन इस बार लोगों को उम्मीद है कि रेल मंत्री बड़ी घोषणा करेंगे।
खासकर रेलवे का कोई नया प्रोजेक्ट क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को राहत प्रदान कर सकता है। इसके अलावा जम्मू-पुंछ रेल लिंक मार्ग, डोडा-भद्रवाह-किश्तवाड़ रेल लिंक मार्ग, बसोहली-बिलावर रेल लिंक मार्ग का भी प्रस्ताव रखा गया है।
लोगों का कहना है कि जम्मू में रोजाना 25 हजार से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में पर्यटक और माता वैष्णो देवी के श्रद्धालु होते हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के अनुसार आरक्षण और सामान्य टिकट काउंटर नहीं हैं।
रिजर्वेशन सेंटर में दस से ज्यादा काउंटर हैं, लेकिन खुलते केवल तीन ही हैं। सामान्य टिकट के छह काउंटरों में से भी तीन ही खुलते हैं।