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Jammu News: मिनी बस स्टाॅप हैं, पर मेटाडाेर चालक बीच सड़क से बैठा रहे सवारियां
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अनुभव सूरी
जम्मू। शहर में पैसेंजर शेड हैं। मिनी बस स्टाॅप भी हैं, लेकिन मेटाडाेर चालकों को इसकी फिक्र नहीं। वह सड़क पर जहां चाहें वहां से सवारी बैठाते हैं। यहां तक कि सवारी को उतारने के लिए बीच सड़क पर भी मेटाडोर रोक देते हैं।
ट्रैफिक विभाग इन मेटाडोर चालकों को अपने नियमों का पालन नहीं करवा पा रहा है। मेटाडोर चालकों को तेज गति से वाहन चलाने की शिकायत आए दिन लोग करते रहते हैं। सवारियों के चक्कर में ओवरटेक करना इनके लिए आम है। भीड़भाड़ वाली सड़क पर इन्हें रेस लगाते अक्सर देखा जा सकता है।
मेटाडोर चालकों को न नियमों की चिंता है और न ही कार्रवाई का भय। यात्री शेड और बस स्टॉफ बेमतलब के साबित हो रहे हैं। यहां तक कि ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे मेटाडोर चालक नियमों का उल्लंघन करते दिखते हैं। ऐसा इसलिए कि इनसे कोई कुछ कहने वाला नहीं। शहरवासी भी सड़कों पर मनमानी कर रह मेटाडोर चालकों की कार्यप्रणाली से खासे नाराज भी है।
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सीटों से अधिक सवारियां
डोगरा हाल निवासी शारदा देवी बताती है कि सड़कों पर मेटाडोर चालक अपनी मनमानी करते हैं। तेज गति से चलाते हैं। सीटों से अधिक सवारियां बैठाते हैं। इससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, विशेष तौर पर महिलाओं को।
मनमाने ढंग से किराया भी वसूलते
परवेज मलिक का कहना है कि मेटाडोर चालक अपनी मनमर्जी से कहीं पर भी सवारियों को बिठाने और उतारने के लिए मेटाडोर रोक लेते हैं, जिसके कारण भी कई दफा सड़क हादसे होते हैं। तेज गति से गाने भी बजाते हैं। न्यू-प्लॉट जैसे मार्ग पर यातायात का काफी दबाव रहता है। सड़क संकरी है। चालक मेटाडोर को अचानक से बीच सड़क पर रोक देते हैं। मेटाडोर चालक मनमाने ढंग से किराया भी वसूलते हैं जबकि मेटाडोर चालक वाहन में किराए की सूची भी नहीं लगाते हैं।
हादसे का हर वक्त खतरा
अंबफला निवासी कमलजीत कौर ने कहा है कि मेटाडोर में निर्धारित से अधिक सवारियां बैठाई जाती है, जिस कारण हर वक्त सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। शाम सात बजे के बाद अंबफला-कोट भलवाल मार्ग पर सबसे अधिक यह समस्या है। रात 10 बजे के बाद इस मार्ग पर मेटाडोर न होने के कारण भी यह समस्या है।
जागरूकता शिविर लगाए जाएं
रविंद्र जम्वाल ने ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात विभाग से अपील की है कि मेटाडोर चालकों को नियमों का पालन कराने के लिए उनके लिए जागरूकता शिविर लगाए जाएं। सालों से ये मेटाडोर चालक अपनी मनमर्जी कर सड़कों पर वाहनों को दौड़ा कर रहे हैं और सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।
-- कोट--
शहर में तमाम वाहन चालक, जिनमें मेटाडोर चालक भी हैं, वे नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेटाडोर चालकों का चालान किया जा रहा है।
अनुभूति, डीएसपी ट्रैफिक सिटी नार्थ
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जम्मू। शहर में पैसेंजर शेड हैं। मिनी बस स्टाॅप भी हैं, लेकिन मेटाडाेर चालकों को इसकी फिक्र नहीं। वह सड़क पर जहां चाहें वहां से सवारी बैठाते हैं। यहां तक कि सवारी को उतारने के लिए बीच सड़क पर भी मेटाडोर रोक देते हैं।
ट्रैफिक विभाग इन मेटाडोर चालकों को अपने नियमों का पालन नहीं करवा पा रहा है। मेटाडोर चालकों को तेज गति से वाहन चलाने की शिकायत आए दिन लोग करते रहते हैं। सवारियों के चक्कर में ओवरटेक करना इनके लिए आम है। भीड़भाड़ वाली सड़क पर इन्हें रेस लगाते अक्सर देखा जा सकता है।
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मेटाडोर चालकों को न नियमों की चिंता है और न ही कार्रवाई का भय। यात्री शेड और बस स्टॉफ बेमतलब के साबित हो रहे हैं। यहां तक कि ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे मेटाडोर चालक नियमों का उल्लंघन करते दिखते हैं। ऐसा इसलिए कि इनसे कोई कुछ कहने वाला नहीं। शहरवासी भी सड़कों पर मनमानी कर रह मेटाडोर चालकों की कार्यप्रणाली से खासे नाराज भी है।
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सीटों से अधिक सवारियां
डोगरा हाल निवासी शारदा देवी बताती है कि सड़कों पर मेटाडोर चालक अपनी मनमानी करते हैं। तेज गति से चलाते हैं। सीटों से अधिक सवारियां बैठाते हैं। इससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, विशेष तौर पर महिलाओं को।
मनमाने ढंग से किराया भी वसूलते
परवेज मलिक का कहना है कि मेटाडोर चालक अपनी मनमर्जी से कहीं पर भी सवारियों को बिठाने और उतारने के लिए मेटाडोर रोक लेते हैं, जिसके कारण भी कई दफा सड़क हादसे होते हैं। तेज गति से गाने भी बजाते हैं। न्यू-प्लॉट जैसे मार्ग पर यातायात का काफी दबाव रहता है। सड़क संकरी है। चालक मेटाडोर को अचानक से बीच सड़क पर रोक देते हैं। मेटाडोर चालक मनमाने ढंग से किराया भी वसूलते हैं जबकि मेटाडोर चालक वाहन में किराए की सूची भी नहीं लगाते हैं।
हादसे का हर वक्त खतरा
अंबफला निवासी कमलजीत कौर ने कहा है कि मेटाडोर में निर्धारित से अधिक सवारियां बैठाई जाती है, जिस कारण हर वक्त सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। शाम सात बजे के बाद अंबफला-कोट भलवाल मार्ग पर सबसे अधिक यह समस्या है। रात 10 बजे के बाद इस मार्ग पर मेटाडोर न होने के कारण भी यह समस्या है।
जागरूकता शिविर लगाए जाएं
रविंद्र जम्वाल ने ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात विभाग से अपील की है कि मेटाडोर चालकों को नियमों का पालन कराने के लिए उनके लिए जागरूकता शिविर लगाए जाएं। सालों से ये मेटाडोर चालक अपनी मनमर्जी कर सड़कों पर वाहनों को दौड़ा कर रहे हैं और सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।
शहर में तमाम वाहन चालक, जिनमें मेटाडोर चालक भी हैं, वे नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले मेटाडोर चालकों का चालान किया जा रहा है।
अनुभूति, डीएसपी ट्रैफिक सिटी नार्थ