साथी को बचाने में तवी में बह गया अरुण
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तवी के चौथे पुल के पास नहाने के दौरान डूबे छात्र अरुण कुमार का मंगलवार को भी कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस की टीम और स्थानीय लोगों ने दिन भर नदी में खंगाला, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
वहीं, शाम को सेना के गोताखोरों ने भी छात्र को खोजने के लिए तलाशी अभियान चलाया, इसके बावजूद कोई अता-पता नहीं चल सका। सेना के गोताखोर बुधवार को भी नदी में तलाशी अभियान चलाएंगे।
इधर, तलाशी अभियान के दौरान चौथे पुल के पास लोगों की भीड़ जुटी रही। छात्र के घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह नदी के किनारे आस लगाए बैठे रहे। कृष्णा नगर निवासी आठवीं का छात्र अरुण सोमवार को अपने दोस्तों के साथ तवी में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में वह डूब गया था।
रो रोकर घर वालों का बुरा हाल
दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे। घर न लौटने पर जब उसके पिता रवि ने उसके दोस्तों से पूछताछ की तो उसके डूबने का पता चला। इसके बाद अरुण के पिता ने पुलिस को सूचित किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके के लोग और पुलिस टीम ने देर शाम तक तलाशी अभियान चलाया था, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया था। मंगलवार सुबह से ही इलाके के लोगों ने तवी में उसकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम भी तवी में खोजबीन करती रही। उधर, जम्मू के डिप्टी कमिश्नर ने उधमपुर सैन्य हेडक्वार्टर में संपर्क कर सेना के गोताखोरों की मदद मांगी थी।
शाम को सेना के गोताखोरों ने की तलाश
दिन भर तलाश करने के बाद भी अरुण का कोई सुराग नहीं मिला तो शाम लगभग साढ़े चार बजे उधमपुर से सेना के गोताखोरों की टीम पहुंची। गोताखोरों ने पहले तवी के किनारों में पानी के अंदर तक तलाश की।
इसके बाद वह नौका लेकर तवी के बीच में पहुंचे और गहरे पानी में उतरे। इसके बावजूद कोई कामयाबी नहीं मिली। अंधेरा होने के बाद गोताखोरों का अभियान रोक दिया गया।
वहीं अपने साथी को बचाने के प्रयास में अरुण तवी में डूबा था। इसका खुलासा उसके साथियों ने किया। कृष्णा नगर के लोगों ने बताया कि 14 वर्षीय अरुण के घर के पास ही उसका 12 वर्षीय दोस्त बनी रहता है, जिसके साथ वह अकसर तवी में नहाने जाता था।
दोनों अच्छे तैराक हैं। घटना के समय बनी का पैर किसी पत्थर में फंस गया। उसके चिल्लाने पर अरुण उसे बचाने गया था। उसने बनी को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद तेज बहाव में बहने लगा। अन्य दोस्त तवी किनारे उसके पीछे दौड़े, लेकिन देखते ही देखते वह आंखों से ओझल हो गया।