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रियासत की राजधानी अब स्थायी होनी चाहिए : कर्ण सिंह
ब्यूरो्, अमर उजाला, सांबा
Updated Wed, 24 Sep 2014 01:31 AM IST
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कस्बा के वीर भूमि पार्क के पास राजपूत सभा की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महाराजा हरी सिंह की 120वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर राज्यसभा के सदस्य डा कर्ण सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा, महाराजा के पोते विक्रमादित्य आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। राजपूत बिरादरी के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में सबसे पहले राजपूत बिरादरी के सदस्यों एवं युवाआें ने चीची माता मंदिर से लेकर राजपूत भवन तक रैली के रूप में मुख्य अतिथि का स्वागत किया। बाद में महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर डा कर्ण सिंह ने कहा कि बाढ़ से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। इसका उन्हें दुख है।
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उन्होेंने कहा कि रियासत की राजधानी की अदला बदली पर काफी खर्च आता है, इसे स्थायी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब कश्मीर में बाढ़ से स्थिति काफी खराब हो गई है। महाराजा हरि सिंह की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह दूरदर्शी थे। उन्हाेंने अनुसूचित जाति के लिए मंदिराें के दरवाजे खोले थे।
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महाराजा के इतिहास लिखने वालों ने कई कमियां छोड़ दी थी। जब पाक गुरिल्ला फौज ने रियासत पर हमला किया, तो उन्हाेंने अपने सैनिकाें को आखिरी खून के कतरे तक लड़ते रहने के लिए कहा, जिसे ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह ने सच में बदल दिया था। उन्होंने कहा कि महाराजा की जयंती पर रियासत में अवकाश होना चाहिए।
इस अवसर पर राजपूत सभा के प्रदेश अध्यक्ष कंबर नारायण सिंह, जिला प्रधान कैप्टन इंदर सिंह, पूर्व मंत्री गुलचैन सिंह चाढक, पूर्व मंत्री आरएस चिब, मेजर जनरल गोवधर्न सिंह, विधायक यशपाल कुंडल, ब्रिगेडियर बलवीर सिंह, ब्रिगेडियर एसएस साम्वयाल, डीआईजी विजय सिंह साम्वयाल और वीरचक्र से सम्मानित ध्रूव सिंह आदि मौजूद रहे।