दहल उठा श्रीनगर, शोरूम और टावरों पर आंतकी हमले
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जम्मू-कश्मीर का श्रीनगर शुक्रवार को मोबाइल शोरूम और टावरों पर ताबड़तोड़ आतंकी हमलों से दहल उठा। इस वारदात में एक मजदूर घायल हो गया। पुलिस ने तीन हमलों की पुष्टि की है।
दो महीने पहले सोपोर में भी मोबाइल कंपनियों को आतंकियों ने निशाना बनाया गया था। दूरसंचार ट्रेड से जुड़े दो लोगों की हत्या भी कर दी थी। बाद में इस प्रकार के हमले पटन में भी हुए। इन वारदातों से सैलानियों और अमरनाथ यात्रियों की आमद पर भी असर पड़ सकता है।
शुक्रवार सुबह 11 बजे आतंकियों ने संचार नेटवर्क को ध्वस्त करने के मंसूबे से पहला हमला करननगर स्थित एयरसेल शोरूम पर किया। यह शोरूम जोनल पुलिस हेडक्वार्टर से मात्र 300 मीटर की दूरी पर है। बताते हैं कि दो युवा आतंकी शोरूम पर पहुंचकर वहां मौजूद कर्मचारियों को धमकाते हुए बाहर निकाला। इसके बाद ग्रेनेड से हमला किया।
विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ। इसके बाद यहां से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित वोडाफोन के शोरूम में भी आतंकियों ने हूबहू इसी स्टाइल में हमला किया। दोनों वारदातों को अंजाम देने के बाद आतंकी सुरक्षा इंतजाम को धता बताते हुए भाग निकले।
इन दो हमलों के कुछ ही घंटे बाद दोपहर तीन बजे शहर के शहीदगंज इलाके में आतंकियों ने मोबाइल टावर पर ग्रेनेड हमला किया। इसमें मोहम्मद भाई नामक मजदूर घायल हो गया। उसे महाराजा हरि सिंह अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वजीरबाग में भी धमाके की आवाज सुनी गई लेकिन हमले की तसदीक नहीं हुई।
ब्यूटी पार्लर बंद करने की चेतावनी
घाटी के पुलवामा जिले में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के धमकी भरे पोस्टर शुक्रवार को एक बार फिर दिखे। इसमें ब्यूटी पार्लरों को बंद करने और अनैतिक गतिविधियों से दूर रहने को धमकाया गया है।
हिज्ब के धमकी भरे पोस्टरों से नागरिकों में दहशत है। पोस्टर में करीमाबाद, नेवाह, जादूरा, वाहीबग और कलान के लोगों को इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की धमकी दी गई है।
पोस्टर पर हिज्ब के स्टांप और लोगो भी हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी भरे पोस्टरों के मामले की जांच की जा रही है। यह शरारती तत्वों का भी काम हो सकता है लेकिन इसके पीछे हिज्ब आतंकियों का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
पोस्टर ऐसे समय में दिखे हैं जब श्रीनगर में आतंकियों ने एक के बाद एक मोबाइल टावर और शोरूम पर सीरियल हमले किए। मालूम हो कि 1989 में कश्मीर में आतंकवाद का दौर शुरू होने पर भी आतंकी संगठनों और अलगाववादियों ने शराब की दुकानों, वीडियो पार्लर, सिनेमाघर, ब्यूटी पार्लरों को बंद करने की धमकी दी थी।