फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   terrorist problem

भारी बर्फ के बीच जख्मी होने पर भी आतंकियो से भिड़ते रहे सेना के जांबाज, गुत्थमगुत्था भी हुए

विज्ञापन
terrorist problem
कुपवाड़ा। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले स्पेशल फोर्स के कंमाडो ने बर्फ से लकदक दुर्गम पहाड़ों पर एक बार फिर बहादुरी की मिसाल पेश की है। आतंकियों की तलाश में हेलीकॉप्टर से 12 हजार फुट की ऊंचाई पर भारी बर्फ के बीच उतरे पांच पैरा कमांडो ने विपरीत परिस्थितियों में ऑपरेशन को अंजाम दिया। आमने-सामने की लड़ाई में ये जवान गोलियां लगने के बाद भी आतंकियों से भिड़ते रहे। शहादत का जाम पीने से पहले कंमाडों ने पांचों आतंकियों को ढेर कर दिया। सेना के अनुसार, फायरिंग के बीच भारत माता के सुपूत आंतकियों से गुत्थमगुत्था भी हुए।
विज्ञापन

सेना को सूचना मिली कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों का एक ग्रुप पीओके में बने लांचिंग पैड से 30 मार्च को रवाना हुआ। आतंकियों के घुसपैठ करने की सूचना पर सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। एक अप्रैल को दोपहर के समय सेना की आठ जाट रेजीमेंट के जवानों का इन आतंकियों के साथ जुमगुंड इलाके में सामना हुआ। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद आतंकी भाग निकले। बारिश, घने कोहरे और बर्फ के चलते ऑपरेशन बीच में स्थगित भी करना पड़ा। इसके बाद ऑपरेशन में सेना की सबसे पेशेवर यूनिटों में से एक 4 पैरा स्पेशल फोर्स के कंमाडो को भी शामिल किया गया। आतंकी कुपवाड़ा जिले के केरन में 12 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित दावर नाले में छिपे हुए थे। सूबेदार संजीव कुमार के नेतृत्व में पैराट्रूपर का एक दस्ता भारी बर्फ के बीच एलओसी से सटे इलाके में उतारा गया। यह दस्ता आतंकियों के पैरों के निशान के आधार पर ऊपर की पहाड़ी पर जा पहुंचा। जैसे ही टीम पहाड़ी पर पहुंची वहां बर्फ खिसकने से टीम सीधे नाले में जा पहुंची। जहां उनका सामना आतंकियों से हुआ। नीचे गिरे कमांडो पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी लेकिन गोलियां लगने केे बाद भी इन बहादुर जवानों ने ग्रुप में शामिल पांचों आतंकियों का सफाया कर दिया।
विज्ञापन

श्रीनगर में स्थित 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू का कहना है कि फायरिंग के बीच कमांडों ने आतंकियों से हैंड टू हैंड फाइट भी की। सेना ने अपने पांच सर्वश्रेष्ठ सैनिकों को खो दिया है। इनमें से तीन मौके पर ही शहीद हो गए थे, जबकि दो ने पास के सैन्य अस्पताल तक एयरलिफ्ट किए जाने के दौरान दम तोड़ दिया। सेना के इस विशेष स्क्वायड में सूबेदार संजीव कुमार, हवलदार दवेंद्र सिंह, पैराट्रूूपर बालकृष्ण, पैराट्रूूपर अमित कुमार और पैराट्रूूपर छत्रपाल सिंह शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

-सूबेदार ने शहादत के दौरान भी जकड़ रखा था आतंकी को
ऑपरेशन में शामिल एक जवान ने बताया कि नेतृत्व कर रहे सूबेदार संजीव ने गोली लगने के बाद भी एक आतंकी को पकड़ रखा था। सुबह उनका शव जब देखा गया तो वह आतंकी को पकड़े हुए पाए गए।
-ये सामान हुआ था बरामद
इस ऑपरेशन के दौरान सेना को मारे गए आतंकियों से दो आधार कार्ड, पांच एके 47 राइफल, छह हैंड ग्रेनेड, एक जीपीएस, एक आईकाम सेट, चार अल्ट्रा सेट, छह यूबीजीएल ग्रेनेड, दो मोबाइल फोन, एक घड़ी, एक ब्लूटूथ हेडसेट और एक चार्जर मिले हैं। आतंकियों के पास से पाकिस्तान निर्मित खाद्य पदार्थों के पैकेट तथा पाकिस्तानी सेना की वर्दी व उपकरण भी बरामद हुए हैं।

----------
पाकिस्तान में घुसकर की थी सर्जिकल स्ट्राइक
आतंकियों से मुठभेड़ में शामिल जवान स्पेशल फोर्स (एसएफ) यूनिट के थे। इस यूनिट ने वर्ष 2016 में पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी और सात आतंकी लांचिंग पैड तबाह कर 38 आतंकियों को मार गिराया था। ऑपरेशन में सेना की 41 आरआर, 57 आरआर, 160 टीए और एसओजी कुपवाड़ा भी शामिल थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed