आईटी के माहिर युवाओं को बहकाकर भर्ती कर रहे आतंकी संगठन
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कश्मीर के पढ़े-लिखे युवाओं पर आतंकियों की नजर है। खासकर आईटी के माहिर युवकों को आतंकी संगठन अपने साथ जोड़ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो अभी दो महीने पहले ही कश्मीर के एक दर्जन युवक पाक चले गए और आतंकी संगठनों में शामिल हो गए।
करीब एक महीना पहले कश्मीर में पुलिस ने एक जानकारी देते हुए बताया कि था कि उस पार जाने वाले 20 युवकों में से आठ को जाने से रोक लिया गया, लेकिन बाकी का पता नहीं चल पाया।
सुरक्षा एजेंसियों के पास आ रहे इनपुट कहते हैं कि गायब होने वाले युवक उस पार पहुंच गए और आतंकी संगठनों में शामिल हो गए। इन युवकों में अधिकतर आईटी करने वाले हैं।
अभी कुछ दिन पहले ही सोपोर में आतंकियों ने मोबाइल टावरों का इस्तेमाल कर अपने खुफिया यंत्र लगा दिए। इन यंत्रों के चोरी होने के बाद इस बात का खुलासा हुआ। सैन्य सूत्रों का कहना है कि इन यंत्रों को लगाने वाला भी आईटी में माहिर होगा।
हमलें में इस्तेमाल हो रही हाईटेक तकनीक
अभी दो महीने पहले कठुआ में हुए आतंकी हमले भी आतंकियों की आईटी तकनीक का गवाह था। खुफिया एजेंसियों के पास इनपुट आए थे कि आतंकियों ने हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल किया। घुसपैठ करने के बाद आतंकियों ने अपने आसपास के 200 मीटर के क्षेत्र का मोबाइल नेटवर्क ही जाम कर दिया।
सरकंडों को हटाने में जुटे
कठुआ, सांबा, राजोरी, पुंछ और अन्य एलओसी और आईबी के इलाकों में पुलिस भी सतर्क है। आईजीपी जम्मू दानेश राणा का कहना है कि आतंकियों की इन जगहों से लगातार घुसपैठ की कोशिश होती है। पुलिस की इन क्षेत्रों पर पैनी नजर है। पुलिस अपनी तैयारी इस कदर कर रही है कि यदि कोई घुसपैठ हो भी जाती है तो आतंकियों के हमलों को नाकाम बना दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी श्री अमरनाथ यात्रा को बाधित करने में कोई आतंकी हमले की धमकी नहीं मिली। यात्रा में खलल पड़ी तो खराब मौसम और हाईवे की वजह से पड़ेगी। जम्मू-कठुआ हाईवे पर अमरनाथ यात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा बंदोबस्त रहेंगे।