नावेद को मिली वकील रखने की परमिशन
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उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकियों को मदद करने के आरोप में गिरफ्तार लश्कर के तीन ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के परिवार वाले अब वकील रखने की जुगत में हैं।
पहले उन्हें भय था कि यदि वह आगे आएंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी, लेकिन कोर्ट से आश्वासन मिलने के बाद अब परिवार के लोग आगे आए हैं।
अदालत में पेशी के दौरान शौकत अहमद भट ने एनआईए कोर्ट के जज वाईपी कोतवाल से कहा था कि पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब की तरह उन्हें भी वकील मुहैया करवाया जाए।
अदालत ने कहा कि वह अपने परिवार से कहकर वकील करवा लें। शौकत ने जज को बताया कि उनके परिवार के लोग करीबी थाने में गए थे तो उन्होंने कहा कि वह आगे न आएं। इस पर अदालत ने उन्हें कहा कि वह वकील करवा कर सीधे अदालत पहुंचे। थाने जाने की जरूरत नहीं।
डर रहे हैं परिवार के लोग
उन्हे कोई नहीं पकड़ेगा। अदालत से आश्वासन मिलने के बाद उसके परिवार के लोग केस का चालान पेश होने से पहले वकील रखने की जुगत में लगे हैं।
यही कारण है कि अदालत में सुनवाई के बाद जब शौकत को बाहर लाया गया तो उसके परिवार का सदस्य उससे मिला। हालांकि, उधमपुर हमले में उपयोग हुए ट्रक के मालिक शाबजार ने भी अदालत से गुहार लगाई थी कि अदालत से लौटते हुए उनके परिवार के लोगों से मिलवाने के निर्देश दिए जाए।
इस पर एनआईए के पीपी ने विरोध जताते हुए कहा कि रास्ते में किसी से मिलवाना सुरक्षा के लिहाज से अच्छा नहीं होगा। अत: उन्हें कोट भलवाल जेल बुलवाया जाए, जहां सभी आरोपी रखे गए हैं।