लोकतंत्र के जश्न से आतंकी हमलों का जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के अनंतनाग सीट पर उपचुनाव लड़ने से यह सीट काफी महत्वपूर्ण हो गई है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बाद भी यहां लोकतंत्र का जश्न कम नहीं दिखता। छोटे-छोटे समूहों में लोग अपने समर्थक नेता का प्रचार करते दिख रहे हैं।
पीडीपी ने इस सीट को दोबारा अपनी झोली में डालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी प्रमुख को जिताने के लिए सिपहसालार मतदाताओं को पक्ष में करने के लिए क्षेत्र में भरपूर समय दे रहे हैं। नेकां और कांग्रेस ने भी सीट पर कब्जा करने के लिए मतदाताओं को रिझाना शुरू कर दिया है।
चूंकि यह महीना खेती का समय है। इन दिनों धान की रोपाई चल रही है। सुबह से ही लोग खेतों में डट जा रहे हैं और देर शाम तक रोपाई में जुटे रह रहे हैं। इस वजह से चुनाव को लेकर सभा जैसी कोई चीज भले नजर न आ रही हो, लेकिन नेताओं के काफिलों की आवाजाही चुनावी हलचल की कहानी बयां करती हैं।
अनंतनाग सीट के लिए पीडीपी, नेकां, कांग्रेस ने ताकत झोंकी
रविवार होने के नाते नेताओं की क्षेत्र में लगातार गतिविधियां बनीं रहीं। पीडीपी के पार्टी के महासचिव मोहम्मद सरताज मदनी, प्रवक्ता रफीक अहमद मीर ने जगह-जगह बैठकें कर कार्यकर्ताओं को चुनाव में जुट जाने की हिदायतें दीं।
साथ ही मतदाताओं से मिल जुलकर भी पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। नेशनल कांफ्रेंस के विधायक अल्ताफ कल्लू, अब्दुल मजीद लारमी व एमएलसी बशीर बीरी तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीए मीर ने भी चुनाव प्रचार किया।
आतंकी घटनाओं की वजह से क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षाबलों की मौजूदगी से इलाके की संवेदनशीलता का पता चलता है। मुस्तैद जवान चुनाव प्रचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं बन रहे हैं, लेकिन प्रचार में लगे लोगों की गतिविधियों पर उनकी पैनी नजर जरूर रह रही है। खासकर जब अधिक लोग जमा हो जा रहे हैं तो वे सतर्क हो जा रहे हैं।