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जम्मू-कश्मीर में जल्द शुरू होगी ओला-उबर की तर्ज पर टैक्सी सेवा, एलजी ने एक महीने में मांगा प्रस्ताव
Fri, 10 Jan 2020 10:31 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 10 Jan 2020 10:31 PM IST
सार
- उपराज्यपाल ने सेवा प्रदाताओं से एक माह में प्रस्ताव लेने के जारी किए निर्देश
- परिवहन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में टैक्सी एग्रीगेटर स्कीम की समीक्षा की
- कहा, सेवा प्रदाता से प्रस्ताव लेते समय स्थानीय हितधारकों का रखा जाए ख्याल
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ओला-उबर
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर प्रदेश में ओला और उबर की तर्ज पर मोबाइल ऐप आधारित टैक्सी सेवा शुरू होने जा रही है। उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने वीरवार को परिवहन विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में टैक्सी एग्रीगेटर स्कीम के लिए एक माह के भीतर एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (सेवा प्रदाताओं के प्रस्ताव) लाने के निर्देश जारी कर दिए।
स्कीम की समीक्षा बैठक में एलजी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मोबाइल ऐप और एसएमएस आधारित टैक्सी सेवा को शुरू करना बेहद जरूरी है। इस सेवा के लिए प्रस्ताव लेते समय स्थानीय हितधारकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में समीक्षा के दौरान एलजी ने कहा कि सेवा, सुरक्षा, वाहन प्रोफाइल, चालक, सेवा के लिए प्रबंध, लाइसेंस की सामान्य जानकारी जुटाई जाए। इसमें चालकों की मुकम्मल जानकारी होनी चाहिए। लाइसेंस, वाहन, चालक और ऑपरेटर की जानकारी को आम लोगों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।
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स्कीम की समीक्षा बैठक में एलजी ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मोबाइल ऐप और एसएमएस आधारित टैक्सी सेवा को शुरू करना बेहद जरूरी है। इस सेवा के लिए प्रस्ताव लेते समय स्थानीय हितधारकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
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बैठक में समीक्षा के दौरान एलजी ने कहा कि सेवा, सुरक्षा, वाहन प्रोफाइल, चालक, सेवा के लिए प्रबंध, लाइसेंस की सामान्य जानकारी जुटाई जाए। इसमें चालकों की मुकम्मल जानकारी होनी चाहिए। लाइसेंस, वाहन, चालक और ऑपरेटर की जानकारी को आम लोगों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।
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इच्छुक सेवा प्रदाता की प्रस्तावित दरों को परिवहन विभाग परखेगा। इसमें अधिकतम किराया दर भी निर्धारित की जाएगी। योजना के माध्यम से युवाओं के साथ-साथ आईटी प्रोफेशनल और टैक्सी आपरेटर भी लाभ उठा सकेंगे।
बैठक में कहा गया कि स्कीम के तहत यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके अलावा व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस, जीपीएस, जीपीआरएस डिवाइस भी लगाए जाएं। उपराज्यपाल ने यातायात विभाग को निर्देश दिया कि रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन बसों और निजी कामर्शियल वाहनों की प्रदूषण जांच की जाए। उन्होंने 20 साल पुराने वाहनों के लिए प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।
बैठक में कहा गया कि स्कीम के तहत यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त सुनिश्चित किए जाएंगे। इसके अलावा व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस, जीपीएस, जीपीआरएस डिवाइस भी लगाए जाएं। उपराज्यपाल ने यातायात विभाग को निर्देश दिया कि रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन बसों और निजी कामर्शियल वाहनों की प्रदूषण जांच की जाए। उन्होंने 20 साल पुराने वाहनों के लिए प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।