श्रीनगर: मुफ्ती के खिलाफ प्रदर्शन, कांग्रेस की रैली पर पत्थरबाजी
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जम्मू कश्मीर सरकार ने शीतकालीन राजधानी जम्मू से स्थानांतरण के बाद आज से यहां ग्रीमष्मकालीन राजधानी में काम काज शुरू कर दिया। सचिवालय खुलने से पहले कांग्रेस की ओर से सरकार के खिलाफ विरोध रैली की आवहान किया था।
बुधबार को श्रीनगर के मियासुमा इलाके में कांग्रेस की रैली गुजर रही थी तभी रैली पर पथराव शुरु हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ता जब सचिवालय की तरफ बढ़ रहे थे तब उन्हें पुलिस ने बडशाह चौक पर रोका इसी दौरान इसी कांग्रेस की रैली पर पत्थर फेंके गये। ये इलाका अलगाववादी नेता यासीन मलिक का गढ़ माना जाता है।
बडशाह चौक पर जिस समय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे उसी समय करीब के मैसूमा इलाके के युवाओं के एक समूह ने स्वतंत्रता समर्थक नारे लगाए और रैली में शामिल लोगों पर पत्थर फेंके, पत्थरों से बचने के लिए लोगों इधर उधर भागने लगे।
'यह एक अपवित्र गठबंधन है।'
जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'चुनाव से पहले पीडीपी ने भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की बात कहकर लोगों से वोट मांगे थे। लेकिन वही पीडीपी भाजपा के साथ गठबंधन कर सत्ता में विराजमान हो गई।
उन्होंने कहा, 'यह एक अपवित्र गठबंधन है।' मीर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने चुनाव से पहले घाटी के लोगों से किये वादे तोड़ दिए हैं।
उन्होंने कहा, 'हम मुफ्ती मोहम्मद सईद को याद दिलाना चाहते हैं कि वह उसी पार्टी की मदद से सत्ता में हैं जिसके खिलाफ लोगों ने उन्हें वोट दिया था। हम लोग उनसे पूछना चाहते हैं कि भाजपा के साथ हाथ मिलाने के पीछे उनकी क्या मजबूरी रही।'