देश भर से आगे आए मदद के हाथ, राज्यों ने भी खोली झोली
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बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर के लिए देश के राज्यों ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए आर्थिक योगदान देने का ऐलान किया है। गुजरात, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों ने जम्मू सरकार को आर्थिक मदद दे रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में राहत कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये सहायता की घोषणा की तो गुजरात और ओडिशा की सरकारों ने भी पांच-पांच करोड़ देने की बात की।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 करोड़ देने का निर्णय लिया गया है। इससे वहां बचाव व राहत कार्य में मदद मिलेगी। इसके अलावा राशन और बोट भी मदद के लिए दिए जाएंगे। इसी तरह गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने ट्वीट कर बाढ़ प्रभावितों को पांच करोड़ की मदद का ऐलान किया। साथ ही गुजरात प्रत्येक दिन बाढ़ प्रभावितों के लिए एक लाख फूड पैकेट भी भेजेगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के कार्यालय से भी पांच करोड़ की मदद के साथ राहत और बचाव कार्य में प्रशिक्षित आपदा प्रबंधन के 40 कर्मियों को भेजने का आश्वासन दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ प्रभावित जम्मू-कश्मीर में राहत कार्र्यों के लिए 20 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश की जनता जम्मू एवं कश्मीर के लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वहां की जनता को हर संभव मदद मुहैया कराएगी।
असम के एडीजी भी घाटी में
असम सरकार ने कश्मीर में बाढ़ की चपेट में आए प्रदेश के लोगों की मदद के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विजिलेंस एंड एंटी करप्शन) को मंगलवार को श्रीनगर भेज दिया।
एडीजीपी राजकुमार चंद्रनाथन श्रीनगर में प्रशासनिक अधिकारियों और रियासत सरकार के संपर्क में रहकर असम के लोगों का पता लगाएंगे और उनको सुरक्षित निकालने में हर संभव सहायता करेंगे।
उल्लेखनीय है कि असम से करीब 46 पर्यटक घाटी घूमने आए हुए हैं। इसके अलावा असम सरकार से वहां के 121 जवानों जोकि विभिन्न सरकारी एजेंसियों में घाटी में तैनात हैं के बारे में भी उनके परिवार वालों द्वारा सूचना देने की मांग की गई है।
जल्द बहाल होंगी विद्युत और दूरसंचार सेवाएं: गोस्वामी
केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने कहा कि पूरी घाटी को बिजली सप्लाई करने वाले मीर बाजार विद्युत वितरण केंद्र को बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अनंतनाग और पुलवामा में जलभराव का स्तर कम होने के चलते वहां से विद्युत कर्मियों को लाकर काम शुरू करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में पृथ्वीराज रोड स्थित जेके हाउस और श्रीनगर सचिवालय में वायरलेस कनेक्शन स्थापित किया गया है। केंद्र की ओर से कुछ और वीसैट सिस्टम तथा अन्य उपकरण भेजे जा रहे हैं ताकि घाटी में दूरसंचार सेवाएं जल्द बहाल की जा सकें।
केंद्रीय गृह सचिव ने बताया कि वादी में बाढ़ के हालत में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को कुछ सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी बादामीबाग, शिवपोरा, राजबाग, जवाहर नगर और चांदपुरा इलाकों में जलभराव का स्तर काफी ज्यादा है।
जम्मू में राजस्थान के सौ से अधिक ट्रक लापता
राजस्थान से गए सौ से अधिक ट्रक जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ में लापता हो गए हैं। राजस्थान ट्रक ऑपरेटर यूनियन पिछले दो दिनों से ड्राइवरों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक के सभी प्रयास विफल हो चुके हैं।
राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई गई है। राजस्थान ट्रक ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष वेद भूषण सेठी ने बताया कि राजस्थान से सामान लादकर जम्मू-कश्मीर में उतारने के लिए सौ से अधिक ट्रक वहां पहुंचे हुए थे।
बाढ़ का समाचार मिलते ही, उनसे मोबाइल के जरिए संपर्क के प्रयास किए गए, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद वहां के ऑपरेटरों से भी इन ट्रकों के मामलों में बातचीत की, लेकिन वे भी संबंधित ट्रकों के बारे में कुछ भी बता पाने में असमर्थ हैं।