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जम्मू कश्मीर में नई भर्ती नीति का ऐलान, पढ़ें खबर

Thu, 02 Jul 2015 06:56 PM IST
Updated Thu, 02 Jul 2015 06:56 PM IST
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state announced a new recruitment policy

गठबंधन सरकार ने नई भर्ती नीति की बुधवार को घोषणा की। इसका नाम फास्ट ट्रैक भर्ती रखा गया है। नई नीति के तहत संबंधित विभाग को चार महीने में रिक्तियों को भरना होगा। भर्ती अनुबंध (कांट्रैक्ट) के आधार पर नहीं बल्कि नियमित होगा।

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शर्त यह रहेगी कि पहले पांच साल तक कर्मचारियों को न्यूनतम मूल वेतन (बेसिक पे) ही दिया जाएगा। उसके बाद उसे बाकी के सेवा लाभ मिलेंगे। नियुक्ति के वक्त ही सभी प्रकार की स्वास्थ्य एवं अवकाश संबंधी सुविधाएं मिलेंगी।
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सरकार ने नई नीति की अधिसूचना जारी करने के साथ ही भर्ती संस्थाओं को हिदायत दी है कि इस नीति के तहत तीन महीने में पहले की सभी रिक्तियां भर ली जाएं।

इसके बाद चार महीने में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। नई भर्ती नीति के तहत सभी भर्तियां लिखित परीक्षा के जरिये ही होंगी। साथ ही सभी पदों के लिए विज्ञापन जारी होगा।
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पांच साल तक केवल न्यूनतम मूल वेतन मिलेगा

state announced a new recruitment policy

नई नीति के अनुसार पांच साल के कार्यकाल में प्रदर्शन के आधार पर ही कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। उसकी वरिष्ठता नियुक्ति वाले दिन से ही तय हो जाएगी। सामान्य वर्ग में नौकरी पाने वाले को अपने मूल जिले या पैतृक स्थान पर पहले पांच साल तक काम करना होगा।

इस दौरान उसका कहीं अन्यत्र स्थानांतरण नहीं होगा। आरबीए, एलओसी एवं एलएसी समेत अन्य आरक्षित वर्ग कोटे से नौकरी पाने वालों के लिए यह समय सीमा सात साल की होगी।  

पूरी तरह पारदर्शी होगी नई भर्ती नीति: अख्तर
राज्य सरकार के प्रवक्ता तथा शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने बताया कि एसएसबी के सदस्यों की संख्या बढ़ाई जा रही है। साथ ही हर जिले के लिए एसएसबी का एक सदस्य तय किया जा रहा है जो जिला स्तर पर नियुक्ति के लिए गठित भर्ती मंडल का अध्यक्ष होगा।

उन्होंने एसएसबी तथा पीएससी जैसी संस्थाओं को समाप्त करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों को मजबूत करने की दिशा में सरकार कदम उठा रही है।

पीएससी सदस्यों की नियुक्ति तथा राज्यपाल द्वारा जताई गई आपत्तियों के संबंध में पूछे गए सवाल पर कहा कि कई वर्षों से पीएससी के 9 सदस्य एक साथ नहीं रहे, लेकिन मौजूदा सरकार सभी सदस्यों की नियुक्ति करने के लिए कटिबद्ध है।

राज्यपाल के सुझावों पर पूरी तरह अमल किया जा रहा है। जल्द ही सभी सदस्य नियुक्त हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नई भर्ती नीति पूरी तरह पारदर्शी होगी।

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