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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Srinagar to Kargil: Zojila pass opened less than half the time taken since last year

Srinagar To Kargil: जोजिला पास खुला, बीते साल से आधे से भी कम समय हुआ सुचारू, बीआरओ ने रचा इतिहास

Wed, 27 Mar 2024 12:47 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 27 Mar 2024 12:47 PM IST
सार

आम तौर पर करीब 150 दिन तक बंद रहने वाले इस मार्ग को पिछले वर्ष बीआरओ ने 68 दिनों के भीतर खोला था। इस बार 30 दिन में जोजिला पास से बर्फ हटाकर 20 मार्च को श्रीनगर-लेह हाईवे को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया।

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Srinagar to Kargil: Zojila pass opened less than half the time taken since last year
जोजिला पास से गुजरते वाहन - फोटो : संवाद

विस्तार

कश्मीर घाटी को लद्दाख के साथ जोड़ने वाले जोजिला पास को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने इस वर्ष 30 दिनों के रिकॉर्ड समय के बीच यातायात के लिए बहाल कर इतिहास रचा है। इससे लद्दाख के लोगों को काफी राहत मिली है। साथ ही देश की रक्षा में तैनात सेना और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को भी फायदा पहुंचेगा। 

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आम तौर पर करीब 150 दिन तक बंद रहने वाले इस मार्ग को पिछले वर्ष बीआरओ ने 68 दिनों के भीतर खोला था। इस बार 30 दिन में जोजिला पास से बर्फ हटाकर 20 मार्च को श्रीनगर-लेह हाईवे को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया।
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बीआरओ के अधिकारी के अनुसार, 18 फरवरी को जोजिला पास को यातायात के लिए बंद किया गया था। हिमपात के चलते यहां और बर्फ जमा होती गई। नौ मार्च से फिर से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया और इसे खोलने में सफलता हासिल की। श्रीनगर-लेह हाईवे पर करीब 11,650 फुट की ऊंचाई पर स्थित जोजिला एक रणनीतिक महत्व वाला पास है और लद्दाख में तैनात भारतीय सेना व सुरक्षा बलों की ऑपरेशनल तैयारियों के लिए लाइफलाइन है। 
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अमूमन सर्दियों की शुरुआत में बर्फबारी के चलते अक्सर पास नवंबर के दूसरे सप्ताह में बंद हो जाता रहा है और इसे अप्रैल के अंतिम सप्ताह में खोला जाता रहा है। बीआरओ के प्रोजेक्ट बीकन के एक अधिकारी ने बताया कि जोजिला पास, सोनमर्ग, गांदरबल से श्रीनगर की ओर 108 किलोमीटर की जिम्मेदारी बीकन के पास है, जबकि जोजिला के उस पार गुमरी से आगे लेह की ओर प्रोजेक्ट विजयक सभी जिम्मेदारियां संभालता है।

27 से 30 मार्च तक बर्फबारी की संभावना, मशीनरी तैनात

जोजिला की रखरखाव की जिम्मेदारी प्राप्त 122 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग (ओसी) गौरव त्रिपाठी ने बताया कि इस बार जोजिला को 30 दिन के भीतर खोलकर इतिहास रचा है। अभी ट्रायल के तौर पर इसे एकतरफा यातायात के लिए खोला गया है। कोशिश रहेगी कि इसे दोनों तरफ से खोल दिया जाए। हमारी टीम ने 30-40 फुट बर्फ को काटा है। अभी भी मशीनरी यहां काम पर है। 27 से 30 मार्च के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ की संभावना को देखते हुए मशीनरी को तैनात किया गया है, क्योंकि इस दौरान बर्फबारी की संभावना है।

तीन साल में कब बंद हुआ जोजिला

  • 2020-21 में 31 दिसंबर 2020 को श्रीनगर-लेह हाईवे बंद किया गया और 19 अप्रैल, 2021 को खोला
  • 2021-22 की सर्दियों में इसे 4 जनवरी, 2022 को बंद कर दिया गया और 19 मार्च 2022 को खोला गया
  • 2022-23 में 6 जनवरी, 2023 को जोजिला पास बंद किया गया और 16 मार्च 2023 को बहाल किया।


जीपीएस-सक्षम मार्गदर्शन प्रणाली का इस्तेमाल

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, 24 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शून्य वर्षा हुई, जिसके परिणामस्वरूप 100 प्रतिशत कम बारिश हुई। जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में शून्य से 99 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि यह सिर्फ बर्फ की कमी नहीं है, जिसने बीआरओ को कठिन इलाके को आसानी से नेविगेट करने में मदद की। बल्कि पिछले कुछ वर्षों से बीआरओ एक जीपीएस-सक्षम मार्गदर्शन प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है। जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) की मदद से बीआरओ ने लद्दाख में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सभी सड़कों का मानचित्रण किया है। नेविगेशन अग्रणी डोजर पर लगे उपकरण का उपयोग करके किया जाता है।

जोजिला पास बंद होने से लेनी पड़ती है वायुसेना की मदद

जोजिला पास के बंद होने से लद्दाख से जुड़ने वाली चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को भी प्रभावित होना पड़ता है। इससे न केवल राशन बल्कि एम्युनिशन सप्लाई भी प्रभावित होती है। इसलिए सुरक्षाबलों को इस पास के बंद होने से पूर्व जरूरत के सामान को डंप करके रखना पड़ता है, लेकिन अगर कभी किसी चीज की जरूरत पड़ती है तो वायुसेना के जरिये सामान को एयर ड्राॅप कराया जाता है, जिससे प्रति दिन करोड़ों का खर्च होता है। इस बीच जितनी जल्दी यह मार्ग खुले उतना ही फायदा होता है।

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