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Jammu News: अस्थायी श्रमिकों ने सैलरी नहीं मिलने के खिलाफ किया प्रदर्शन
Tue, 18 Mar 2025 02:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Tue, 18 Mar 2025 02:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। सिंध वन विभाग के अस्थायी श्रमिकों ने सोमवार को केंद्रीय कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित डीएफओ कार्यालय परिसर में सैलरी नहीं मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया।
अस्थायी श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वे पिछले 20 साल से वन विभाग में काम कर रहे हैं और उन्हें हर मौसम में बिना किसी रुकावट के सेवा प्रदान की गई है। एक अस्थायी श्रमिक, मुश्ताक अहमद ने कहा हमने निरंतर मेहनत की है और हमेशा अपनी जान को जोखिम में डालते हुए हमारे वन संपत्तियों की रक्षा की है, लेकिन अफसोस की बात है कि जब हम अपनी मजदूरी की मांग करते हैं, तो हमें नजरअंदाज किया जाता है।
निसार अहमद ने कहा, हमारे बच्चे स्कूलों से निकाले जा रहे हैं क्योंकि हम समय पर उनकी ट्यूशन फीस नहीं चुका पा रहे हैं। इस काम को करके हम न केवल अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने फैसला लिया है कि अगर हमारी सैलरी जारी नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर मुख्य सड़कों को जाम करेंगे।
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उन्होंने कहा हमने अपने विधायक और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कई बार संपर्क किया, उन्होंने केवल यह आश्वासन दिया कि हमारा मामला हल हो जाएगा और हमारी लंबित मांगें पूरी की जाएंगी, साथ ही हमारी सैलरी भी जारी की जाएगी, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। अस्थायी श्रमिकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वे उनकी लंबित मांगों को पूरा करें और उनके परिवारों के साथ न्याय करें।
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गांदरबल। सिंध वन विभाग के अस्थायी श्रमिकों ने सोमवार को केंद्रीय कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित डीएफओ कार्यालय परिसर में सैलरी नहीं मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया।
अस्थायी श्रमिकों ने आरोप लगाया कि वे पिछले 20 साल से वन विभाग में काम कर रहे हैं और उन्हें हर मौसम में बिना किसी रुकावट के सेवा प्रदान की गई है। एक अस्थायी श्रमिक, मुश्ताक अहमद ने कहा हमने निरंतर मेहनत की है और हमेशा अपनी जान को जोखिम में डालते हुए हमारे वन संपत्तियों की रक्षा की है, लेकिन अफसोस की बात है कि जब हम अपनी मजदूरी की मांग करते हैं, तो हमें नजरअंदाज किया जाता है।
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निसार अहमद ने कहा, हमारे बच्चे स्कूलों से निकाले जा रहे हैं क्योंकि हम समय पर उनकी ट्यूशन फीस नहीं चुका पा रहे हैं। इस काम को करके हम न केवल अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने फैसला लिया है कि अगर हमारी सैलरी जारी नहीं की गई तो सड़क पर उतरकर मुख्य सड़कों को जाम करेंगे।
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उन्होंने कहा हमने अपने विधायक और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कई बार संपर्क किया, उन्होंने केवल यह आश्वासन दिया कि हमारा मामला हल हो जाएगा और हमारी लंबित मांगें पूरी की जाएंगी, साथ ही हमारी सैलरी भी जारी की जाएगी, लेकिन सब बेकार साबित हुआ। अस्थायी श्रमिकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील की कि वे उनकी लंबित मांगों को पूरा करें और उनके परिवारों के साथ न्याय करें।