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जेयू में अब स्पोर्ट्स हॉस्टल का सपना होगा साकार
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
Updated Fri, 06 Nov 2015 06:37 PM IST
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जम्मू विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हॉस्टल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। ह्यूमन जेनेटिक सेंटर और टेनिस कोर्ट के निकट हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
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इसके लिए विशेषज्ञों की टीम ने हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट पर कुल 1.50 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। हॉस्टल के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग को पहली किस्त में 75 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।
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इसके बाद अगली दो किस्तों में बाकी राशि जारी होगी। दो साल में पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट से दूरवर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ठहरने की उचित व्यवस्था के साथ विवि को राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं की मेजबानी मिल सकेगी।
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उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015-16 के सेशन में यूजीसी की ओर से विवि जम्मू को कोई भी राष्ट्रीय खेल स्पर्धा की मेजबानी नहीं दी गई है।
बताया जाता है कि इसका बड़ा कारण विवि के पास पर्याप्त ढांचा नहीं होना था। शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए साइट फाइनल कर दी गई है।
प्रोजेक्ट को शीघ्र शुरू करने पर काम किया जा रहा है। कुछ माह पहले यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने जम्मू विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हॉस्टल के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी, लेकिन राशि जारी न होने से निर्माण शुरू नहीं हो पाया था।
हॉस्टल के प्रोजेक्ट के लिए कुल राशि में बीस प्रतिशत विश्वविद्यालय/राज्य सरकार को खर्च वहन करना है। हॉस्टल के निर्माण से दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्र के कालेजों के विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी।
इससे अंतर कालेज स्पर्धाओं के अलावा अन्य गतिविधियों में कालेजों के विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ेगी। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स हॉस्टल न होने के से विभिन्न स्पर्धाओं में दूरवर्ती और जिला स्तर से आने वाले खिलाड़ियों की हिस्सेदारी प्रभावित होती रही है।
हॉस्टल के अभाव में बाहरी कालेजों और विवि के खिलाड़ियों को ठहराने के लिए दूसरी जगहों पर निर्भर रहना पड़ता है। अंतर कालेज खेल स्पर्धाओं में दूरवर्ती कालेजों की भागीदारी कम होने के पीछे हॉस्टल का न होना बड़ा कारण है।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की आल इंडिया अंतर यूनिवर्सिटी खेल स्पर्धाओं की मेजबानी के लिए भी बड़ी चुनौती रही है। इसमें विवि प्रशासन को पेड सिस्टम पर दूसरे स्थानों का इंतजाम करना पड़ता है।
वर्ष 2010 में अंतर यूनिवर्सिटी फेंसिंग चैंपियनशिप के दौरान देशभर से आए प्रतिभागियों को स्टेशन के पास स्थित वैष्णवी और सरस्वती धाम में पेड सिस्टम पर ठहराना पड़ा था। इसके अलावा यूथ हॉस्टल नगरोटा में भी खिलाड़ियों को एडजस्ट किया गया।
इसके अलावा अंतर यूनिवर्सिटी फेंसिंग चैंपियनशिप में भी यही व्यवस्था रही। हर साल अंतर कालेज स्पर्धाओं में दूरवर्ती कालेजों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने के कई प्रयास किए जाते हैं। इसके बावजूद हॉस्टल न होने से जिला स्तर से भागीदारी कम होने से वॉकओवर के सिलसिले को रोका नहीं जा सका है।