POK रिफ्यूजियों के पुनर्वास को पीएम मोदी ने की मदद, विशेष आर्थिक पैकेज लांच
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सोमवार को जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वर्ष 1947, 1965 और 1971 के पीओके तथा वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के पुनर्वास के लिए प्रधानमंत्री के विशेष वित्तीय पैकेज को लांच किया। इस दौरान 25 लाभार्थियों में हर एक परिवार को 5.50 लाख रुपये के चेक बांटे गए। हालांकि बाद में यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ अच्छे ताल्लुक बनाने के लिए काम करना चाहिए। पाक को लाहौर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दौरे के दौरान जनरल परवेज मुशर्रफ के उस समझौते पर अमल करना चाहिए जिसमें उसने हिंदुस्तान में किसी भी तरह के आतंकवाद और हिंसक गतिविधियों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल न होने देने को वादा किया था। दोनों मुल्क आपस में बेहतर रिश्ते बनाने पर काम करें। दोस्त बदल सकते हैं हमसाया नहीं। जम्मू-कश्मीर सेंट्रल एशिया के लिए भारत का आर्थिक गलियारा (हब) बने।
महबूबा ने कहा कि संसद पर हमला, कारगिल युद्ध जैसे बड़े हमलों के बाद भी अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में जंग नहीं लड़ी गई थी। वह भलीभांति समझते थे कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा। हमले अपनी जमीन हासिल की और उन्हें वापस भेज दिया।
'जम्मू कश्मीर को बनाए आर्थिक हब'
पाक में चीन अपना आर्थिक हब बना रहा है। उसकी तरह भारत को भी जम्मू-कश्मीर को अपना आर्थिक हब बनाना चाहिए। इसके लिए वाघा बार्डर की तर्ज पर सुचेतगढ़, जम्मू-सियालकोट, कारगिल, पुंछ-रावलाकोट सहित अन्य पुराने रास्ते खोलने चाहिए।
छोटी छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मिलकर काम करना होगा। छोटी गांठों के साथ बड़ी गांठ खोलने के लिए भारत और पाक को भी रिश्तों में सुधार लाना होगा। भारत से पाक छोटा मुल्का है। वहां भी दहशतगर्दों ने पिछले कुछ माह में सैकड़ों लोगों को मार दिया है।