जम्मू कश्मीर में बनेगी दक्षिण एशिया का सबसे बड़ी टनल
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जम्मू कश्मीर भारत का पहला ऐसा राज्य है जो इतिहास रचने के लिए पूरी तरह से तैयार है। रियासत में साउथ एशिया का सबसे बड़ी टनल श्रीनगर और लददाख मार्ग पर बनने जा रही है।
14 किलोमीटर लंबी टनल सोनमर्ग को लददाख के कारगिल से जोड़ेगी। 434 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-लेह हाईवे की दूरी को कम करने का खाका तैयार कर लिया गया है।
10,000 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला जोजिला टनल सात साल में पूरा होगा। ये फंडिंग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 80 हजार करोड़ राशि में से होगा, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने अपने श्रीनगर दौरे के दौरान की थी।
10.8 किलोमीटर रोड में कई टेढ़े मेढ़े मोड़, 700 मी की बर्फ गैलरी और हिमस्खलन संभावित क्षेत्र हैं, इस टनल के बनने के बाद ये साउथ एशिया का सबसे बड़ा टनल होगा।
जम्मू कश्मीर विधि निर्माण काउंसिल के चेयरमैन ने कहा कि कारगिल के लोगों का सपना मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा हो सकेगा।
434 किलोमीटर लंबा सफर होगा कम
जोजिला टनल श्रीनगर कारगिल में दूसरी टनल होगी जो श्रीनगर-लेह हाईवे पर बन रही है। जो घाटी को लददाख से पूरे साल जोड़ने का काम करेगी। जोजिला पास से 20 किलोमीटर दूर जेड-मोरह टनल से ये काम शुरू कर दिया गया है।
2,716.90 करोड़ की राशि से बनने वाला जेड-मोरह टनल 2017 तक पूरा होगा। 6.5 किलोमीटर लंबा ये टनल सोनमर्ग से जुड़ेगा। 434 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-लेह हाईवे बेहद खतरनाक और हिमस्खलन संभावितों क्षेत्र पर है।
जोजिला पास सोनमर्ग में गंगधीर से लेकर मिनीमार्ग तक सर्दियों में बर्फ से पूरी तरह से ढ़का रहता है। ये टनलें ऐसे में बड़ी सुविधानजक साबित होगी और ये टनलें हर मौसम में लद्दाख को देश के वाकी हिस्सों से जोड़े रखेगी।