बैकडोर से भर्ती संस्कृति का होगा खात्मा, एसआरओ 202 की होगी समीक्षा: जितेंद्र सिंह
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केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि एसआरओ 202 की समीक्षा होगी। इस बारे में राज्य सरकार से बात की गई है और उपराज्यपाल प्रशासन जल्द ही इसकी समीक्षा करेगा। सिंह जम्मू में सोमवार को कैट बेंच के वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे।
ज्ञात हो कि एसआरओ 202 को लेकर युवाओं के साथ ही विभिन्न राजनीतिक संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। मुफ्ती सरकार के कार्यकाल में जारी इस एसआरओ के तहत नियुक्त होने वाले युवाओं के लिए पांच साल का प्रोबेशन रखा गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली को रोकने के लिए नान गजटेड पदों पर साक्षात्कार को खत्म कर दिया। केंद्र ने एक जनवरी 2016 को ही इसे लागू कर दिया था, लेकिन पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इसे यहां लागू नहीं किया था।
अब यह नियम यहां लागू हो गया है और भविष्य में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में होने वाली सभी भर्तियां केवल लिखित परीक्षा के आधार पर होंगी। दक्षता परीक्षा केवल उत्तीर्ण करने के लिए होगी। इसके नंबर नहीं जोड़े जाएंगे। कहा कि इससे बैकडोर से भर्ती संस्कृति का खात्मा होगा। साथ ही सिफारिशों तथा पैसे के लेन देन से नौकरी हासिल करने पर रोक लग सकेगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में भर्ती प्रक्रिया को सुचारु करने की कोशिशें शुरू की गई हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि सरकार वंचित वर्ग को न्याय दिलाने के लिए उसके साथ खड़ी है। यदि गरीब परिवार का एक भी अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में होगा तो सरकार उसके साथ खड़ी होगी न कि बैकडोर भर्ती के लिए लाबिंग करने वालों और दबाव बनाने वालों के साथ। सरकार किसी भी दबाव में काम नहीं करेगी। अब यहां घूस देना और लेना दोनों ही अपराध की श्रेणी में हैं।
कैट बेंच से लोगों को लाभ मिलेगा: उप राज्यपाल
इस दौरान उप राज्यपाल जीसी मुर्मू ने कहा कि बेंच की स्थापना से जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के कर्मचारियों को सेवा मामलों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में लाभ मिलेगा। करीब 34 हजार मामले जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से कैट को भेजे गए हैं। यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, कार्मिक विभाग के सचिव सी चंद्रमौलि, कैट चेयरमैन जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी, कैट के न्यायिक सदस्य राकेश सागर जैन ने भी विचार रखे।
आलोचना करने वालों को आड़े हाथों लिया
डॉ. सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में एक-एक कर सभी आदेश लागू किए जाएंगे। उन्होंने आलोचना करने के अभ्यस्त हो चुके लोगों को आड़े हाथों लेते हुए धीरज रखने को कहा। कहा कि पहले की सरकारों को सात दशक का समय दिया, लेकिन आप लेफ्टिनेंट गवर्नर को सात महीने का समय भी देने को तैयार नहीं हैं जिन्होंने पिछले सप्ताह ही यह समय पूरा किया है। पहले वे डोमिसाइल कानून के बारे में सवाल उठाते थे, फिर पश्चिमी पाकिस्तान रिफ्यूजी, फिर 5300 पीओजेके परिवार, परिसीमन आयोग के बारे में पूछते थे, लेकिन आप देख रहे हैं कि सब कुछ हो रहा है।