अमर उजाला संवाद: जम्मू-कश्मीर के युवाओं के हुनर को सोशल मीडिया ने दिला दी पहचान, आज दुनिया में नाम
जम्मू-कश्मीर के युवा ट्रेवलिंग-फूड, फिटनेस, फैशन, संस्कृति, संगीत और अभिनय से फेसबुक, इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब पर मनोरंजन के साथ जन सरोकार के मुद्दे भी उठा रहे हैं। जम्मू की लोक संस्कृति को नई पहचान दिला रहे युवा इनके माध्यम से पैसा भी कमा रहे हैं। आप भी जानिए क्या कहा इन युवाओं ने।
विस्तार
अगर आप में हुनर है और कुछ हटकर करने का जनून है, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आपको नई पहचान दिलाने को तैयार है। हुनर के दम पर जम्मू के कई युवा आज सोशल मीडिया मंच पर स्टार बन गए हैं। कोई पढ़ रहा है तो कोई नौकरी कर रहा है। शौक को करिअर बनाने वाली इन प्रतिभाओं के आज लाखों फैन हैं। ट्रेवलिंग-फूड, फिटनेस, फैशन, संस्कृति, संगीत और अभिनय से जुड़े ये युवा फेसबुक, इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब पर मनोरंजन के साथ जन सरोकार के मुद्दे भी उठा रहे हैं। जम्मू की लोक संस्कृति को नई पहचान दिला रहे ये सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर पैसा भी कमा रहे हैं। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सोशल मीडिया मंच के इन सितारों ने कहा कि मेहनत और समर्पण के साथ किए काम को दुनिया हाथों हाथ लेती है।
गायकी का शौक था, सोशल मीडिया ने साकार किया सपना
अपनी आवाज का जादू बिखेर रही जम्मू दी कुड़ी के नाम से मशहूर वर्षा जमवाल के वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोग पसंद कर रहे हैं। भजन गायकी से संगीत की दुनिया का सफर शुरू करने वाली वर्षा संगीत में एमए की पढ़ाई कर रही हैं। उनका कहना है कि बचपन से गाने का शौक था। माता के भजन गाने से शुरू हुआ सफर आज उन्हें पेशेवर गायक बना चुका है। पहले अवसर नहीं मिलते थे, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने उन्हें नई पहचान दिला दी। इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर उनके आज लाखों फैन हैं। वर्षा ने कहा कि मातृभाषा डोगरी उनकी प्राथमिकता रही है। भविष्य में भी वह डोगरी के लिए काम करती रहेंगी।
टूटे मोबाइल से बनाया वीडियो 14 लाख लोगों ने देखा
जम्मू के सोशल मीडिया स्टार संयम पंडोह का कहना है कि उन्हें कॉलेज के समय से ही अभिनय का शौक था। मनोरजंन के लिए शिक्षकों की नकल उतारने से शुरू हुआ सफर सोशल मीडिया के मंच पर परवान चढ़ रहा है। जनता से जुड़े मुद्दों पर हास्य वीडियो बनाए, जिन्हें आम लोगाें से लेकर बड़ी हस्तियों ने भी पसंद किया। संयम ने कहा कि टूटे मोबाइल फोन से जम्मू दी मेटाडोर पर बनाई कॉमेडी वीडियो को यूट्यूब पर 14 लाख लोगों ने देखा। संयम के अनुसार उनके वीडियो को औसत 10 लाख लोग देखते हैं। उन्हें यूट्यूब पर लगातार सक्रियता के लिए सिल्वर बटन भी मिला है। संयम कहते हैं कि कंटेट अच्छा होगा, तो पहचान जरूर मिलेगी।
नौकरी छोड़ फुल टाइम ब्लॉगर बन गईं सूर्या
गुढ़ा सलाथिया की सूर्या सलाथिया फूड एंड ट्रेवल की फुलटाइम ब्लॉगर हैं। सूर्या कहती हैं कि नौकरी छोड़ कर फुल टाइम ब्लॉगर बनने का फैसला आसान नहीं था। बचपन से घूमने के शौक ने ब्लॉगर बनने के लिए प्रेरित किया। यूट्यूब पर ट्रेवल एंड बर्प विद सूर्या नाम से चैनल बनाया। ब्लॉगर बनने के लिए पहले प्रोत्साहन नहीं मिला, लेकिन मन की आवाज को अनसुना नहीं कर सकी। सूर्या ने बताया कि थियेटर करने से आत्मविश्वास मिला। किसी भी क्षेत्र में सबसे मुश्किल शुरुआत करना होती है। आईएएस की कोचिंग लेने के बावजूद नौकरी छोड़ मैंने जिंदगी को जुनून के साथ जीने का रास्ता चुना। अकेले ट्रैवलिंग कर लोगों को घूमने और खाने के बारे में जानकारी देती हूं।
कल तक सपना था, 120 ब्रांड के साथ कर चुके काम
जम्मू के हिमांश कोहली ने कहा कि फैशन को लेकर जुनून था, लेकिन जम्मू में इसे लोफरबाजी कहते थे। 2014-15 से सोशल मीडिया पर फैशन को लेकर सक्रियता बढ़ाई। इसी जुनून ने उन्हें 2020 में बालीवुड अवार्ड के लिए नामित करवाया। इंस्टाग्रम पर हिमांश के पांच लाख फॉलोवर हैं। हिमांश ने कहा कि वह 120 अलग-अलग ब्रांड के साथ काम कर चुके हैं। वे इंस्टाग्राम पर युवाओं को कम बजट में अच्छे कपड़ों व फैशन के टिप्स देते हैं। वर्ष 2018 में मुंबई जाकर सोशल मीडिया मार्केटिंग की ताकत का पता चला। उन्होंने 12वीं के बाद घर से पैसे नहीं लिए हैं।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़ा मंच
पेशे से निजी स्कूल में शिक्षक संजू शर्मा अपनी लोक गायकी के लिए जाने जाते हैं। उनके कई वीडियो लाखों लोगाें तक पहुंचे। उधमपुर जिले के दूरदराज डुडू बसंतगढ़ के रहने वाले संजू का कहना है कि सोशल मीडिया हमारे जैसे कलाकारों के लिए बड़ा मंच है। संजू ने जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय भाषा में गीत बनाए और फिर यूट्यूब पर शेयर किए। संजू के 21 हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं। संजू का कहना है कि सोशल मीडिया अब पहचान के साथ-साथ आमदनी का स्रोत बन रहा है। आप में हुनर है तो आप चाहे कहीं भी हों, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पहचान दिलाने के लिए तैयार है।
बैंक में नौकरी के साथ कर रहीं फूड ब्लॉगिंग
एमटेक के बाद पीएचडी कर रहीं निहारिका बैंक में नौकरी करती हैं, लेकिन उन्हें इंस्टाग्राम पर फूड ब्लॉगिंग ने नई पहचान दिलाई है। निहारिका ने कहा कि पहले परिवार का सहयोग कम था, लेकिन शौक ने फूड ब्लॉगर बनने की प्रेरणा दी। सोशल मीडिया में बहुत बड़ी ताकत है, जिसे पहचाने की जरूरत है। पहले स्टेज पर जाने का डर लगता था, सोशल मीडिया ने उनकी राह आसान कर दी। उनका कहना है कि अच्छे कंटेट को दुनिया पसंद करती है। यही किसी ब्लॉगर को सब्सक्राइबर दिलाता है। निहारिका ने कहा कि इंस्टाग्राम पर डोगरी व्यंजनों को लेकर ब्लॉग काफी पसंद किए जा रहे हैं।
लॉकडाउन में बनाए वीडियो, बदल गया नजरिया
जम्मू के सुमित कुमार के इंस्टाग्राम अकाउंट को 15 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। सुमित ने कहा कि लॉकडाउन में वीडियो बनाने शुरू किए। होम वर्कऑउट की वीडियो में फिटनेस टिप्स युवाओं को बहुत पसंद आए। सोशल मीडिया पर मिली पहचान अब आय का स्रोत बन गई है। सुमित कई ब्रांड के लिए प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। सुमित ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सोशल मीडिया कंटेंट से आय अर्जित करना अच्छा लगता है। उनके वीडियो घर में रहकर फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग में देखने वालों की मदद करते हैं।
फैशन में रुचि थी, बन गईं फैशन व्लॉगर
एमबीए की छात्र मुस्कान महाजन ने कहा कि बचपन से फैशन को लेकर थोड़ी समझ थी। कॉलेज में उनकी ड्रेसिंग सेंस की प्रशंसा होती थी। पढ़ाई के साथ-साथ इंस्टाग्राम में एक फैशन एंड लाइफ स्टाइल पेज बनाया। इस पर कंटेंट को लोग पसंद करते हैं। लॉकडाउन में सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ने से कई लोगों तक फैशन के टिप्स पहुंचे। इस समय मुस्कान के इंस्टा अकाउंट को 26 हजार लोग फॉलो करते हैं।