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Jammu News: छह माह की वीरांगना ने जीती जिंदगी की जंग
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श्रीनगर। 92 बेस हॉस्पिटल बीबी कैंट में एक ऐसी नवजात बच्ची की जान बचाई गई, जो गर्भावस्था के महज छह माह में जन्मी थी और उसका वजन केवल 750 ग्राम था। देखभाल के दौरान प्यार में उसका नाम वीरांगना रख दिया गया था।
बच्ची की 30 वर्षीय मां इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया नामक रक्त विकार से जूझ रही थीं, जिसके कारण उनके प्लेटलेट्स बेहद कम हो गए थे। उन्हें तुरंत बेस हॉस्पिटल में आपातकालीन सी-सेक्शन के लिए ले जाया गया।
नवजात बच्ची नाजुक हालत में इस दुनिया में आई, मुश्किल से जिंदगी की सांस ले रही थी। उसे तुरंत नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सों की अथक टीम ने तुरंत कार्य शुरू किया। अगले 65 दिन एक युद्ध जैसे थे। यह बच्ची अपनी जंग खुद लड़ रही थी।
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बच्ची को दो महीने से अधिक समय तक 24 घंटे देखभाल दी गई। उसका वजन बढ़कर 1.89 किलोग्राम हो गया, जिसके बाद उसे स्वस्थ रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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बच्ची की 30 वर्षीय मां इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया नामक रक्त विकार से जूझ रही थीं, जिसके कारण उनके प्लेटलेट्स बेहद कम हो गए थे। उन्हें तुरंत बेस हॉस्पिटल में आपातकालीन सी-सेक्शन के लिए ले जाया गया।
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नवजात बच्ची नाजुक हालत में इस दुनिया में आई, मुश्किल से जिंदगी की सांस ले रही थी। उसे तुरंत नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों और नर्सों की अथक टीम ने तुरंत कार्य शुरू किया। अगले 65 दिन एक युद्ध जैसे थे। यह बच्ची अपनी जंग खुद लड़ रही थी।
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बच्ची को दो महीने से अधिक समय तक 24 घंटे देखभाल दी गई। उसका वजन बढ़कर 1.89 किलोग्राम हो गया, जिसके बाद उसे स्वस्थ रूप से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।