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Jammu News: जय श्रीबालाजी... आंध्र के स्वामी अब जम्मू में भी
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग अब धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के धनी जम्मू में श्री रघुनाथ मंदिर और माता बावे वाली मंदिर के बाद आंध्र के तिरुपति बालाजी का मंदिर आस्था और अध्यात्म का नया केंद्र बनेगा। वीरवार को सिद्दड़ा में जय श्री बालाजी के जयघोष के साथ मंदिर के कपाट खुल गए।
अब तिरुपति बाला जी का मंदिर न सिर्फ शहरवासियों, बल्कि देश भर से माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ के दर्शन करने वाले वाले भक्तों के लिए बड़ा केंद्र बनेगा। मंदिर के निर्माण से मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब जम्मू भी रुकेंगे। दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों को अपनेपन का अहसास होगा। वहीं उत्तर भारत के भक्तों को दक्षिण भारत की धार्मिक संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल के भक्तों को जम्मू में तिरुपति बाला जी के दर्शन करने का मौका मिलेगा। संभाग के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी, शिवखोड़ी, पुंछ में बुड्ढा अमरनाथ, किश्तवाड़ में मचैल माता, सरथल माता का मंदिर जैसे बड़े और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल हजारों लोग दर्शन करते हैं।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक: रेड्डी
जम्मू। मजीन गांव में श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी मंदिर के कपाट जनता के लिए खोले जाने के अवसर पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जम्मू में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर के निर्माण से दुनिया को यह संदेश है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से देश में 158 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। भक्तों के लिए सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर देव भूमि है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने प्रदेश सरकार के समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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दर्शन के साथ शुरू करूंगा अगली यात्रा: अमित शाह
तिरुपति बालाजी मंदिर का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को वर्चुअली करना था, लेकिन किसी कारण वह नहीं कर पाए। उपरज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि गृहमंत्री ने मुझे फोन किया और कार्यक्रम में वर्चुअली नहीं जुड़ पाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ कहा है कि जम्मू-कश्मीर की अपनी अगली यात्रा की शुरूआत तिरुपति बालाजी के दर्शन के साथ ही करूंगा।
देश को एकसूत्र में बांध रही केंद्र सरकार
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने तिरुपति बालाजी मंदिर के उद्घाटन को एक ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। मंदिर का उद्घाटन भारत की विविधता में एकता का उत्सव है, जो एक भारत श्रेष्ठ भारत के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। मोदी सरकार ने संगोल को सम्मान दिया। ब्यूरो
आंखों से बही खुशियां, दिल में बसे गोविंदा
जम्मू। मंदिर में पहले ही दिन लोगों का तांता लग गया। लोग खुश नजर आए क्योंकि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर पहुंचना संभव नहीं था। उपराज्यपाल ने कहा कि अतीत वर्तमान में आया है और जम्मू कश्मीर के लोग आहिस्ता आहिस्ता सनातन से जुड़ रहे हैं। मंदिर को देखकर कई लोग खुशी इजहार कर रहे थे। कई महिलाएं हरे कृष्णा हरे रामा का मूल मंत्र का जाप करती हुईं मंदिर में प्रवेश कर रही थीं तो कईं गोविंदा गोविंदा के जाप से वातावरण को और धार्मिक बना रही थीं। महिलाएं मंदिर से बाहर निकल कर केवल रोती हुईं यह बोलती आईं कि आज ऐसा लगा जैसे कि जीवन सफल हो गया।
गोविंदा के आने से उग्रवाद कम जरूर हो जाएगा क्योंकि मंदिर के साथ ट्रस्ट गुरुकुल भी खुलवा रही है यानी बच्चे सनातन की शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
-महंत रामेश्वर दास
साउथ के मंदिरों की अलग बात होती है। मंदिरों के शहर में साउथ के मंदिर का होना सोने पर सुहागा है। मूर्तियों को एक बार देखने से मन भरता ही नहीं है। बार-बार देखने का मन करता है। पंडित जी ने मुझे बताया कि ये मूर्तियां साउथ से ही लाई गई हैं। मां बावे वाली, मोहमाया मंदिर के दर्शन करने के बाद इस मंदिर में जो भी आएगा, उसको यहां का अलग ही माहौल दिखेगा। -सलोनी महाजन, श्रद्धालु
जम्मू वालों के लिए सौभाग्य की बात है कि जो लोग वेंकेटेश्वर के दर्शन करने के लिए साउथ नहीं जा पा रहे थे वे यहां पर आकर दर्शन कर सकेंगेे। यह गोविंदा की हम पर मेहरबानी है। -सुनील सेठी, श्रद्धालु
जब से हमें पता चला है कि मंदिर जम्मू में बनने वाला है, तब से कपाट खुलने का इंतजार हम कर रहे थे। साउथ में जाकर मंदिर के दर्शन करना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। इस मंदिर का यहां पर खुलना ऐसा लग रहा है कि गोविंदा मेरे लिए यहां पर आए हैं। -नितिका सेठी, श्रद्धालु
मैं आज निशब्द हूं। मेरे पास कोई अल्फाज है ही नहीं। बस बहते हुए आंसू आप देख लीजिए। यह बताएंगे कि मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं है। ऐसा लग रहा है कि यहां खड़ी रहूं और बस स्वामी को निहारती रहूं। -रेणु सैनी, श्रद्धालु
तड़के चार बजे खुलेंगे द्वार, रात 8ः30 तक दर्शन
तड़के चार बजे भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खुल जाएंगे और रात्रि 8ः30 बजे बंद होंगे। पंडितों के अनुसार शनिवार का दिन स्वामी का पसंदीदा है और इस दिन दर्शन करना शुभ है, इसलिए कपाट 10 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर को मंदिर बंद नहीं होता है।
मूर्तियां- मंदिर के बाहर ही गरूड़ की मूर्ति है। भीतर बड़ा प्रांगण है। सीढि़यां चढ़ते ही गोविंदा की दो पत्नियां- श्री पद्मावति अम्मा वारु, श्री अंडल अम्मा वारु जी की मूर्तियों के दर्शन होते हैं। मुख्य मूर्ति वेंकेटेश्वर स्वामी जी की है।
सुविधाएं-ःमंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए डिस्पेंसरी और शौचालय की सुविधाएं दी गई हैं ताकि किसी भी तरह परेशान न हो।
हम सिर्फ मंदिर नहीं बना रहे, अस्पताल भी बना रहे हैं। धर्म परिवर्तन रोकने के लिए मंदिरों के साथ गुरुकुल खोलने की जरूरत है। सनातन धर्म का प्रचार, प्रसार के लिए लोगों से निवेदन है कि आगे आएं। किसी का भी धर्म परिवर्तन न होने दें। (संवाद)
श्री वीवाई सुब्बा रेडी, चेयरमैन टीटीडी ट्रस्ट
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जम्मू। जम्मू संभाग अब धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा। ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के धनी जम्मू में श्री रघुनाथ मंदिर और माता बावे वाली मंदिर के बाद आंध्र के तिरुपति बालाजी का मंदिर आस्था और अध्यात्म का नया केंद्र बनेगा। वीरवार को सिद्दड़ा में जय श्री बालाजी के जयघोष के साथ मंदिर के कपाट खुल गए।
अब तिरुपति बाला जी का मंदिर न सिर्फ शहरवासियों, बल्कि देश भर से माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ के दर्शन करने वाले वाले भक्तों के लिए बड़ा केंद्र बनेगा। मंदिर के निर्माण से मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब जम्मू भी रुकेंगे। दक्षिण भारत से आने वाले भक्तों को अपनेपन का अहसास होगा। वहीं उत्तर भारत के भक्तों को दक्षिण भारत की धार्मिक संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल के भक्तों को जम्मू में तिरुपति बाला जी के दर्शन करने का मौका मिलेगा। संभाग के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी, शिवखोड़ी, पुंछ में बुड्ढा अमरनाथ, किश्तवाड़ में मचैल माता, सरथल माता का मंदिर जैसे बड़े और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल हजारों लोग दर्शन करते हैं।
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कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक: रेड्डी
जम्मू। मजीन गांव में श्री वेंकटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी मंदिर के कपाट जनता के लिए खोले जाने के अवसर पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि जम्मू में भगवान वेंकटेश्वर के मंदिर के निर्माण से दुनिया को यह संदेश है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है। उन्होंने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से देश में 158 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। भक्तों के लिए सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर देव भूमि है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी ने प्रदेश सरकार के समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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तिरुपति बालाजी मंदिर का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को वर्चुअली करना था, लेकिन किसी कारण वह नहीं कर पाए। उपरज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि गृहमंत्री ने मुझे फोन किया और कार्यक्रम में वर्चुअली नहीं जुड़ पाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश के लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ कहा है कि जम्मू-कश्मीर की अपनी अगली यात्रा की शुरूआत तिरुपति बालाजी के दर्शन के साथ ही करूंगा।
देश को एकसूत्र में बांध रही केंद्र सरकार
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने तिरुपति बालाजी मंदिर के उद्घाटन को एक ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रदेश की विकास यात्रा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। मंदिर का उद्घाटन भारत की विविधता में एकता का उत्सव है, जो एक भारत श्रेष्ठ भारत के दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। मोदी सरकार ने संगोल को सम्मान दिया। ब्यूरो
आंखों से बही खुशियां, दिल में बसे गोविंदा
जम्मू। मंदिर में पहले ही दिन लोगों का तांता लग गया। लोग खुश नजर आए क्योंकि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर पहुंचना संभव नहीं था। उपराज्यपाल ने कहा कि अतीत वर्तमान में आया है और जम्मू कश्मीर के लोग आहिस्ता आहिस्ता सनातन से जुड़ रहे हैं। मंदिर को देखकर कई लोग खुशी इजहार कर रहे थे। कई महिलाएं हरे कृष्णा हरे रामा का मूल मंत्र का जाप करती हुईं मंदिर में प्रवेश कर रही थीं तो कईं गोविंदा गोविंदा के जाप से वातावरण को और धार्मिक बना रही थीं। महिलाएं मंदिर से बाहर निकल कर केवल रोती हुईं यह बोलती आईं कि आज ऐसा लगा जैसे कि जीवन सफल हो गया।
गोविंदा के आने से उग्रवाद कम जरूर हो जाएगा क्योंकि मंदिर के साथ ट्रस्ट गुरुकुल भी खुलवा रही है यानी बच्चे सनातन की शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
-महंत रामेश्वर दास
साउथ के मंदिरों की अलग बात होती है। मंदिरों के शहर में साउथ के मंदिर का होना सोने पर सुहागा है। मूर्तियों को एक बार देखने से मन भरता ही नहीं है। बार-बार देखने का मन करता है। पंडित जी ने मुझे बताया कि ये मूर्तियां साउथ से ही लाई गई हैं। मां बावे वाली, मोहमाया मंदिर के दर्शन करने के बाद इस मंदिर में जो भी आएगा, उसको यहां का अलग ही माहौल दिखेगा। -सलोनी महाजन, श्रद्धालु
जम्मू वालों के लिए सौभाग्य की बात है कि जो लोग वेंकेटेश्वर के दर्शन करने के लिए साउथ नहीं जा पा रहे थे वे यहां पर आकर दर्शन कर सकेंगेे। यह गोविंदा की हम पर मेहरबानी है। -सुनील सेठी, श्रद्धालु
जब से हमें पता चला है कि मंदिर जम्मू में बनने वाला है, तब से कपाट खुलने का इंतजार हम कर रहे थे। साउथ में जाकर मंदिर के दर्शन करना मेरे लिए बहुत मुश्किल था। इस मंदिर का यहां पर खुलना ऐसा लग रहा है कि गोविंदा मेरे लिए यहां पर आए हैं। -नितिका सेठी, श्रद्धालु
मैं आज निशब्द हूं। मेरे पास कोई अल्फाज है ही नहीं। बस बहते हुए आंसू आप देख लीजिए। यह बताएंगे कि मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं है। ऐसा लग रहा है कि यहां खड़ी रहूं और बस स्वामी को निहारती रहूं। -रेणु सैनी, श्रद्धालु
तड़के चार बजे खुलेंगे द्वार, रात 8ः30 तक दर्शन
तड़के चार बजे भक्तों के लिए मंदिर के कपाट खुल जाएंगे और रात्रि 8ः30 बजे बंद होंगे। पंडितों के अनुसार शनिवार का दिन स्वामी का पसंदीदा है और इस दिन दर्शन करना शुभ है, इसलिए कपाट 10 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर को मंदिर बंद नहीं होता है।
मूर्तियां- मंदिर के बाहर ही गरूड़ की मूर्ति है। भीतर बड़ा प्रांगण है। सीढि़यां चढ़ते ही गोविंदा की दो पत्नियां- श्री पद्मावति अम्मा वारु, श्री अंडल अम्मा वारु जी की मूर्तियों के दर्शन होते हैं। मुख्य मूर्ति वेंकेटेश्वर स्वामी जी की है।
सुविधाएं-ःमंदिर के बाहर श्रद्धालुओं के लिए डिस्पेंसरी और शौचालय की सुविधाएं दी गई हैं ताकि किसी भी तरह परेशान न हो।
हम सिर्फ मंदिर नहीं बना रहे, अस्पताल भी बना रहे हैं। धर्म परिवर्तन रोकने के लिए मंदिरों के साथ गुरुकुल खोलने की जरूरत है। सनातन धर्म का प्रचार, प्रसार के लिए लोगों से निवेदन है कि आगे आएं। किसी का भी धर्म परिवर्तन न होने दें। (संवाद)
श्री वीवाई सुब्बा रेडी, चेयरमैन टीटीडी ट्रस्ट