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1947 के बाद पहली बार पीओके के शारदा पीठ में चढ़े आस्था के फूल, जानिए इस स्थान के बारे में अहम बातें

Sun, 30 Aug 2020 04:52 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 30 Aug 2020 04:52 PM IST
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sharda peeth Mata POK, First time since 1947 Flowers offered to Mata Shardha
शारदा पीठ - फोटो : सोशल मीडिया

कश्मीरी प्रवासियों के संगठन ऑल पार्टीज माइग्रेंट्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (एपीएमसीसी) की ओर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के शारदा पीठ मंदिर में एक मुस्लिम व्यक्ति ने फूल चढ़ाए। शारदा पीठ नियंत्रण रेखा के पास शारदा गांव में स्थित मंदिर है।

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यह पूरे दक्षिण एशिया में 18 अति पूजनीय मंदिरों में से एक है। चित्रों को साझा करते हुए एपीएमसीसी ने कहा कि पीओके के स्थानीय निवासी रईस अहमद द्वारा शारदा माता को पुष्प अर्पित किए गए। इस पावन कार्य को विनोद पंडित के जरिए कराया गया।
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एपीएमसीसी के प्रवक्ता ने दावा किया कि 1947 के बाद यह पहली मौका है जब फूलों को सबसे प्रतिष्ठित मंदिर में चढ़ाया गया। एपीएमसीसी को घाटी में गंगबल और कौसर नाग के लिए वार्षिक तीर्थयात्रा शुरू करने के अलावा विभिन्न बंद मंदिरों को खोलने का श्रेय दिया जाता है। पिछले साल पाकिस्तान सरकार ने एक गलियारे की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। जिसके जरिए भारत के हिंदू तीर्थयात्रियों को शारदा पीठ की यात्रा करने की अनुमति मिल सकेगी।
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